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बोकारो वन भूमि घोटाले में ईडी का खुलासा, 133 एकड़ जमीन पर फर्जी दस्तावेज से किया गया दावा

रांची.  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में बोकारो जिले के चास अंचल की 133.64 एकड़ जमीन पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर दावेदारी का खुलासा हुआ है. यह जमीन इजहार हुसैन और अख्तर हुसैन ने अपने पूर्वजों द्वारा ब्रिटिश राज में नीलामी से खरीदी बताई थी. जांच में सामने आया कि इस दावे के लिए जिन दस्तावेजों का सहारा लिया गया, वे फर्जी हैं. अब तक इस जमीन में से 74 एकड़ से ज्यादा बिक चुकी है.

जिला प्रशासन की जांच में भी पुरुलिया स्थित रजिस्ट्री कार्यालय ने लिखित रूप से बताया कि नीलामी से जुड़े दस्तावेज उनके पास नहीं हैं. इजहार हुसैन ने जमीन पर दावा करने के लिए दो दस्तावेज पेश किए थे. ईडी ने इस जमीन घोटाले की जांच के दौरान जमीन की खरीद-बिक्री करने वालों और फंडिंग करने वालों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. जिसके बाद बांका के बीर अग्रवाल के ठिकाने से 1.30 करोड़ रुपये जब्त किए गए थे. ईडी की छानबीन में राजबीर कंस्ट्रक्शन के निदेशक द्वारा जमीन खरीदने के लिए फंड देने की पुष्टि हुई है. सर्वे के दौरान जब्त दस्तावेजों और अधिकारियों से पूछताछ में यह साफ हुआ कि वर्ष 1933 में जारी डीड संख्या 191 फर्जी है.

417 एकड़ वन भूमि का रिकॉर्ड गायब

रांची. सीसीएल की चंद्रगुप्त ओसीपी कोल परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण में बड़ा घोटाला सामने आया है. 417 एकड़ वन भूमि का रिकॉर्ड गायब कर दिया गया है. जमीन आवंटन से जुड़े दस्तावेजों में भारी छेड़छाड़ की गई है. इस मामले की शिकायत हजारीबाग के बड़कागांव निवासी मंटू सोनी ने की है. शिकायत राज्य के डीजीपी, भारत सरकार और झारखंड सरकार से की गई है.

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