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बिहार के IAS हंस के करीबियों के 5 राज्यों में 13 ठिकानों पर ED का छापा, जांच एजेंसी बोली- भ्रष्टाचार के जरिए आय अर्जित की, राजद नेता ने की मदद

Patna. आय से अधिक संपत्ति मामले मे जेल मे बंद आईएएस अधिकारी संजीव हंस पर जांच एजेंसी ईडी अपनी दबिश बढ़ाती जा रही है. संजीव हंस की काली कमाई को खपाने वाले उनके कई करीबी ईडी के रडार पर हैं. तमाम सबूतों को जुटाने में लगी ईडी ने मंगलवार की देर रात और बुधवार को ताबड़तोड़ छापेमारी की. ईडी ने हंस की काली कमायी को खपाने वाले उनके करीबियों के 13 ठिकानों पर रेड मारा है. ईडी नए-नए सबूत जुटाने में लगी है और इसी क्रम में ये छापेमारी की गयी है. देशभर में अलग-अलग शहरों में छापेमारी की गयी. 5 राज्यों में ईडी की रेड हुई है.

आईएएस अधिकारी ने राजद नेता की मदद से आय अर्जित की

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोप लगाया कि बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी संजीव हंस ने राज्य सरकार और केंद्र में अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्ट आचरण के माध्यम से ‘‘अपराध की आय’’ अर्जित की और इस ‘‘गलत तरीके से अर्जित’’ धन को सफेद करने में पूर्व राजद एमएलसी गुलाब यादव ने उनकी मदद की. संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि उसने दोनों के खिलाफ धन शोधन मामले की जांच में नए सिरे से तलाशी ली और मंगलवार को दिल्ली, गुरुग्राम, कोलकाता, जयपुर और नागपुर में 13 स्थानों पर छापे मारे. बयान में कहा गया कि हंस के कुछ करीबी सहयोगियों और रियल एस्टेट तथा सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों के परिसरों की तलाशी ली गई.

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1997 बैच के अधिकारी हंस ने बिहार ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव के रूप में कार्य किया है, जबकि यादव राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व विधान परिषद सदस्य हैं. यादव ने 2015 से 2020 तक मधुबनी जिले की झंझारपुर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया.

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