
New Delhi. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा संचालित कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस-95) के तहत हर दूसरे पेंशनभोगी को मार्च 2025 के आंकड़ों के अनुसार 1,500 रुपये प्रति माह से कम पेंशन मिलती है. सरकार ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी संसद को दी. सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों से यह भी पता चला कि 31 मार्च, 2025 तक इस योजना के तहत कुल 81,48,490 पेंशनभोगियों में से केवल 53,541 पेंशनभोगी यानी 0.65 प्रतिशत को ही 6,000 रुपये से अधिक मासिक पेंशन मिलती है.
यह आंकड़ा श्रमिक संगठनों द्वारा ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन 9,000 रुपये करने की मांग के बीच आया है, जो श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को सौंपे गए 17-सूत्रीय मांग पत्र का हिस्सा था. वर्तमान में, इस योजना के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन 1,000 रुपये है.
श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया कि 31 मार्च, 2025 तक कर्मचारी पेंशन योजना के तहत पेंशनभोगियों की कुल संख्या 81,48,490 थी.उन्होंने बताया कि 31 मार्च, 2025 तक 1,500 रुपये से कम मासिक पेंशन पाने वाले पेंशनभोगियों की संख्या 49,15,416 थी। इस प्रकार लगभग हर दूसरा व्यक्ति या आधे से अधिक पेंशनभोगी 1,500 रुपये से कम मासिक पेंशन पा रहे थे.
मंत्री ने बताया कि 31 मार्च, 2025 तक 4,000 रुपये से कम मासिक पेंशन पाने वाले पेंशनभोगियों की संख्या 78,69,560 थी. वहीं 6,000 रुपये प्रति माह से कम पेंशन पाने वाले पेंशनभोगियों की संख्या 80,94,949 थी. इस योजना के तहत 6,000 रुपये से अधिक मासिक पेंशन पाने वाले पेंशनभोगियों की संख्या केवल 53,541 या 0.65 प्रतिशत थी.
मंत्री ने बताया कि पेंशन योजना के तहत वितरित कुल राशि 2022-23 में 22,112.83 करोड़ रुपये थी जो 2023-24 में बढ़कर 23,027.93 करोड़ रुपये हो गई. उन्होंने बताया कि 31 मार्च, 2025 तक निष्क्रिय खातों में कुल राशि 10,898.07 करोड़ रुपये है.
