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‘ Film Despatch’: Media जगत के अंधेरे, दलदल और खतरों को दर्शाती है मनोज बाजपेयी की नयी फिल्म ‘डिस्पैच’

New Delhi. अभिनेता मनोज बाजपेयी ने कहा है कि पत्रकारों के बारे में 1986 में आई शशि कपूर अभिनीत फिल्म ‘न्यू डेल्ही टाइम्स’ से बेहतर कोई फिल्म नहीं है. इसके साथ ही बाजपेयी ने अपनी नयी फिल्म ‘डिस्पैच’ के बारे में वादा किया कि यह मीडिया जगत के अंधेरे, दलदल और खतरों को दर्शाएगी.

बाजपेयी ने कहा कि गुलज़ार द्वारा लिखित और रमेश शर्मा द्वारा निर्देशित ‘न्यू डेल्ही टाइम्स’ पत्रकारिता पर भारत में बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म है.
अभिनेता ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘अन्य फिल्म शायद ही किसी पत्रकार के जीवन को छू पाने में सफल रही हैं. वे गहराई तक जाने में सक्षम नहीं रहीं। लेकिन अगर कोई ऐसी फिल्म है जो उस अंधेरे, दलदल और खतरों को दर्शाती है, तो मैं गर्व से गारंटी दे सकता हूं कि वह ‘डिस्पैच’ है.

समीक्षकों द्वारा प्रशंसित फिल्म ‘तितली’ और ‘आगरा’ के लिए जाने जाने वाले कनु बहल द्वारा निर्देशित फिल्म में बाजपेयी को क्राइम रिपोर्टर जॉय बैग के रूप में दिखाया गया है, जो एक खतरनाक जांच में उलझ जाता है जिससे उसका जीवन खतरे में पड़ जाता है. बाजपेयी ने कहा कि शुक्रवार से जी5 पर दिखाई देने वाली ‘डिस्पैच’ पत्रकारिता के ‘अंधेरे और खतरों से भरे’ पहलू को पेश करेगी. ‘डिस्पैच’ का प्रीमियर एमएएमआई फिल्म महोत्सव में हुआ था और इसे 55वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भी प्रदर्शित किया गया था.

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