
Galudih. गालूडीह थाना अंतर्गत पुतरू गांव एवं आसपास के ग्रामीणों ने शनिवार को तारापद महतो हत्याकांड के आरोपियों पर कार्यवाही और मुआवजे की मांग पर हाइवे दो घंटे तक जाम रखा. शव आने के इंतजार में ग्रामीण दोपहर तीन बजे तक पुतरु फुटबॉल मैदान में बैठे रहे. कुड़मी समाज के अमित महतो, शीतल ओहदार, लालटू महतो और हरमोहन महतो भी ग्रामीणों के समर्थन में बैठे रहे.
फिर जेएलकेएम नेता रामदास मुर्मू एमजीएम अस्पताल से ग्रामीणों के साथ शव लेकर पुतरु पहुंचे. शव आने के बाद ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीण जमीन दलालों को संरक्षण देना बंद करो, दोषियों को गिरफ्तार करो, तारापद महतो को न्याय दो, पुलिस प्रशासन हाय हाय, जीएम लेंड म्यूटेशन रद्द करो आदि नारेबाजी कर रहे थे. तारापद महतो हत्याकांड में शामिल आरोपियों पर कार्यवाही की मांग कर रहे थे.
काफी देर तक हंगामे के बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच समझौता हुआ. जिसमें पीड़ित परिवार को प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत एक नौकरी सुनिश्चित करने, परिवार को सुरक्षा प्रदान करने, साजिश करता हराधन सिंह और विकास दुबे को जेल भेजने, विवादित जमीन पर बना मकान को ध्वस्त करने, पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने और आंदोलन में शामिल किसी भी आंदोलनकारी पर मामला दर्ज नहीं करने पर सहमति बनी. उपस्थित पदाधिकारियों को उक्त समझौता पत्र पर मोहर लगाकर हस्ताक्षर भी कराया गया है. मांगों को पूरा करने के लिए प्रशासन को 15 दिन का समय दिया गया है.
तारापद महतो का अंतिम संस्कार शनिवार शाम 6 बजे पुतरु गांव के निकट के श्मशान घाट में किया गया. उन्हें मुखाग्नि उनके पुत्र अनूप महतो ने दी. अंतिम संस्कार में कई गणमान्य लोग शामिल हुए. तारापद को लोगों ने नम आंखों से विदा किया.