Lahar Chakra

JAMSHEDPUR NEWS: गांधी कुष्ठ आश्रम के बच्चों को मिलेगा अभिनय और रंगमंच का प्रशिक्षण, गीता थिएटर ने शुरू की ‘रविवार रंगमंच कार्यशाला’

जमशेदपुर, 11 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित कुष्ठ उन्मूलन अभियान के बीच जमशेदपुर में सामाजिक समावेश और बच्चों की प्रतिभा को नई पहचान देने की पहल शुरू हुई है। न्यू बाराद्वारी स्थित गांधी कुष्ठ आश्रम में रविवार को गीता थिएटर जमशेदपुर की ओर से ‘रविवार रंगमंच कार्यशाला’ का शुभारंभ किया गया। इस कार्यशाला में कुष्ठ प्रभावित परिवारों के बच्चों को अभिनय, नृत्य, गीत और मंच प्रस्तुति का प्रशिक्षण देकर उनकी रचनात्मक प्रतिभा निखारने और आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

गांधी कुष्ठ आश्रम के बच्चों को मिलेगा अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच

गीता थिएटर की इस पहल का उद्देश्य कुष्ठ प्रभावित परिवारों के बच्चों को कला और संस्कृति से जोड़कर उनके व्यक्तित्व का विकास करना है।

कार्यशाला में बच्चों को अभिनय, संवाद अदायगी, नृत्य, संगीत और रंगमंच की विभिन्न गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा। इससे बच्चों को अपनी भावनाएं व्यक्त करने, सार्वजनिक मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देने और सामूहिक रूप से कार्य करने का अवसर मिलेगा।

आयोजकों के अनुसार, रंगमंच के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, रचनात्मक सोच, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का भी प्रयास किया जाएगा।

पूर्वी सिंहभूम में 30 जनवरी तक चलेगा ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ अभियान

राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत पूर्वी सिंहभूम जिले में 10 अक्टूबर 2026 से 30 जनवरी 2027 तक ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ (MDT) अभियान संचालित किया जा रहा है।

इस अभियान का उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संभावित रोगियों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करना तथा बीमारी को लेकर समाज में मौजूद भ्रांतियों और भेदभाव को दूर करना है।

अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण, रैलियां, नुक्कड़ नाटक, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं और विद्यालय स्तर पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

रंगमंच के जरिए सामाजिक भेदभाव दूर करने की पहल

गीता थिएटर जमशेदपुर का मानना है कि रंगमंच केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव और जागरूकता का प्रभावी माध्यम भी है।

इसी सोच के तहत गांधी कुष्ठ आश्रम में बच्चों के लिए विशेष कार्यशाला शुरू की गई है। इसका उद्देश्य बच्चों को समान अवसर उपलब्ध कराने के साथ समाज में सम्मान, संवेदनशीलता और समावेश का संदेश देना है।

आयोजकों ने कहा कि कुष्ठ प्रभावित परिवारों के बच्चों को भी अपनी प्रतिभा विकसित करने और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए।

कुष्ठ रोग का इलाज संभव, भेदभाव नहीं जागरूकता जरूरी

राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत लोगों को बताया जा रहा है कि कुष्ठ रोग का उपचार संभव है। समय पर पहचान और नियमित बहु-औषधि उपचार (MDT) से इस बीमारी को ठीक किया जा सकता है।

कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य लोगों में बीमारी के प्रति व्याप्त गलत धारणाओं को समाप्त करना और कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा देना है।

गीता थिएटर ने बच्चों को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प

कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर गीता थिएटर जमशेदपुर के सदस्य और गांधी कुष्ठ आश्रम से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए बच्चों को शिक्षा के साथ कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता बताई।

गीता थिएटर ने संकल्प लिया कि रंगमंच और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। साथ ही कुष्ठ रोग से जुड़े सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने और समावेशी समाज के निर्माण के लिए प्रयास जारी रहेंगे।

Exit mobile version