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Gangster Encounter: गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के एनकाउंटर पर उठे सवाल? रिश्तेदारों का आरोप, ‘फर्जी मुठभेड़’ कर मारा गया

Ranchi. पुलिस मुठभेड़ में मारे गए ‘गैंगस्टर’ सुजीत सिन्हा के परिजनों ने सोमवार को पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उसकी फर्जी मुठभेड़ में हत्या की गई। कई आपराधिक मामलों में आरोपी सुजीत सिन्हा की रविवार रात जामताड़ा जिले में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी।

पुलिस के अनुसार, साहिबगंज जेल से धनबाद जेल ले जाते समय वह हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था। सिन्हा की सास उषा देवी ने जामताड़ा में संवाददाताओं से कहा, “मुझे लगता है कि यह फर्जी मुठभेड़ थी। वह अभी जेल से बाहर ही नहीं आना चाहता था। हथकड़ी लगा व्यक्ति कैसे भाग सकता है? वह पुलिसकर्मी की पिस्तौल कैसे छीन सकता है? मैंने उसके हाथ देखे, उनमें अब भी हथकड़ी लगी थी। उसे आठ घंटे तक सड़क पर रखा गया और सुबह जंगल में ले जाया गया।” उन्होंने दावा किया कि दो-तीन वर्ष पहले उनकी सिन्हा से बात हुई थी और उन्होंने उसे जमानत लेकर जेल से बाहर आने तथा पत्नी और बच्चों के साथ कहीं और रहने की सलाह दी थी।

उषा देवी ने कहा, उसने मुझसे कहा था कि वह जेल से बाहर नहीं निकलेगा, क्योंकि बाहर आते ही उसकी हत्या हो सकती है। जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने रविवार रात बताया था कि साहिबगंज जेल से जिस वाहन में सिन्हा को धनबाद ले जाया जा रहा था, उसका टायर पंचर होने से वह सड़क से उतर गया।

इसके बाद उसे दूसरे वाहन में बैठाने के दौरान उसने एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनने की कोशिश की और उसमें सफल हो गया। इसी दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें वह गोली लगने से घायल हो गया। सिन्हा के शव का सोमवार का पोस्टमार्टम किया गया।

पोस्टमार्टम के लिए गठित तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड के सदस्य डॉ. दुर्गेश झा ने बताया कि शव से दो गोलियां मिली हैं और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जामताड़ा सदर अस्पताल के चिकित्सक डा. झा ने कहा कि मेडिकल बोर्ड के निर्देशानुसार पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

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