


घाटशिला : मऊभंडार के कुतलुडीह रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाले रोड ओवरब्रिज (आरओबी) के नए डिजाइन को लेकर अनुमंडल कार्यालय में शनिवार को बैठक हुई. एसडीओ सुनील चंद्र की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में रेलवे, निर्माण एजेंसी हिंदुस्तान स्टीलवर्क्स कंस्ट्रक्शन (HSWUC), एचसीएल-आईसीसी के प्रतिनिधियों समेत जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग शामिल हुए.
बैठक में प्रोजेक्टर के माध्यम से नए डिजाइन को प्रस्तुत किया गया. इसमें पुराने डिजाइन में संशोधन कर जनसुझावों को शामिल किया गया है. खास बात यह रही कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को स्थानांतरित कर आकर्षक तरीके से पुनः स्थापित किया जाएगा. चौक से आवागमन हेतु सड़कों का निर्माण और अंडरपास भी बनाया जाएगा, जिससे आईसीसी निदेशक बंगले और अन्य इलाकों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा.
गिरजाघर का नया द्वार भी दूसरे छोर पर बनाया जाएगा. आरओबी के बीच कुछ दूरी पर पिलर रखे जाएंगे ताकि दोनों ओर से लोगों का आवागमन प्रभावित न हो. बैठक के बाद भौतिक निरीक्षण भी किया गया और सभी पक्षों ने सहमति जताते हुए कार्य जल्द शुरू करने की मांग की.
बैठक में सांसद प्रतिनिधि दिनेश साव ने कुतलुडीह और हरिजन बस्ती के लिए अंडरग्राउंड बनाने की मांग की ताकि दो पहिया वाहन और एम्बुलेंस आसानी से गुजर सकें. मजदूर नेता काल्टू चक्रवर्ती ने भी इस पर जोर दिया. उपमुखिया रूपेश दूबे ने आंबेडकर चौक की सुंदरता बढ़ाने और बाईपास सड़क चौड़ी करने का सुझाव दिया ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके.
54 करोड़ की लागत से 1326 मीटर लंबी आरओबी
कुतलुडीह रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाली आरओबी की लागत 54 करोड़ रुपये होगी. इसकी लंबाई 1326 मीटर और चौड़ाई 10 मीटर होगी. दोनों छोर पर 3.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड बनेगी. पूरी ब्रिज पर एलईडी लाइट लगाई जाएगी. यह ब्रिज एसडीओ आवास से होते हुए मऊभंडार वर्क्स अस्पताल तक बनेगा, जिससे घाटशिला-गालूडीह नेशनल हाईवे और हाता-मुसाबनी रोड आपस में जुड़ेंगे.
बैठक में एसडीओ सुनील चंद्र, एसडीपीओ अजीत कुमार कुजूर, दक्षिण-पूर्व रेलवे के एसएससी राजेश कुमार, एचएसडब्लूयूसी के प्रोजेक्ट इंचार्ज राघवेंद्र कुमार, आईसीसी वर्क्स हेड एके गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि दिनेश साव, मजदूर नेता काल्टू चक्रवर्ती, मुखिया कल्पना सोरेन समेत कई जनप्रतिनिधि व नागरिक मौजूद थे.



