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Ghatshila: बागजाता माइंस के ठेका मजदूर हड़ताल पर, काम ठप, दो राउंड की वार्ता में नहीं निकला कोई नतीजा, प्रबंधन ने हड़ताल को अवैध कहा

Ghatshila. सिंहभूम ठेकेदार मजदूर संघ बागजाता माइंस के आह्वान पर ठेका मजदूरों ने गुरुवार सुबह की पाली से हड़ताल शुरू कर दी. ठेका मजदूर शंख नदी पुलिया के समीप इकट्ठा होकर अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर काम का बहिष्कार किया. ठेका मजदूरों की हड़ताल के कारण कोई भी ठेका मजदूर माइंस में सुबह एवं दोपहर की पाली में काम करने नहीं गये, जबकि माइंस में अधिकारियों एवं स्थायी कर्मचारी ड्यूटी पर गये. माइंस से अयस्क का परिवहन भी हुआ.

ठेका मजदूरों की हड़ताल को लेकर बागजाता माइंस सभागार में माइंस मैनेजर रोहित कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में अपर प्रबंधक टी भट्टाचार्य, प्रशासनिक पदाधिकारी जीबीएनएस राधाकृष्णन, सुरक्षा पदाधिकारी महिन टुडू के अलावे सिंहभूम ठेकेदार मजदूर संघ बागजाता के अध्यक्ष रुपाय चंद्र हांसदा, उपाध्यक्ष दाखिन हेंब्रम, महासचिव गणेश कर्मकार के नेतृत्व में ठेका मजदूर एवं भारतीय मजदूर संघ के संगठन सचिव वीर बहादुर सिंह, जिला मंत्री उपेंद्र सिंह, जिला कार्यकारिणी सदस्य हाबलू गोप आदि ने भाग लिया. बैठक में ठेका मजदूरों ने 10 सूत्री मांगों को लेकर चर्चा करते हुए मांगों को पूरा करने की मांग रखी. माइंस प्रबंधक रोहित कुमार ने कहा कि ठेका मजदूरों की हड़ताल अवैध है. बिना सूचना के ही ठेका मजदूर हड़ताल पर चले गये. जबकि मजदूर नेताओं ने कहा उनकी मांगों की लिखित सूचना कंपनी प्रबंधन को पूर्व में दी गयी थी.

जिप सदस्य लक्ष्मी मुर्मू के प्रतिनिधि सह पूर्व जिप सदस्य बुद्धेश्वर मुर्मू ठेका मजदूरों के बुलावे पर बागजाता माइंस पहुंचे. माइंस गेट में सुरक्षा कर्मियों ने माइंस प्रबंधक रोहित कुमार के आदेश का हवाला देकर उन्हें वार्ता में शामिल होने से रोक दिया. माइंस प्रबंधक के अनुसार वार्ता ठेका मजदूरों के साथ होगा. बुद्धेश्वर मुर्मू ठेका मजदूर नहीं हैं. ऐसे में वह वार्ता में शामिल नहीं हो सकते हैं. बुद्धेश्वर मुर्मू ने माइंस प्रबंधक रोहित कुमार पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत जिला की बैठक में अधिकारियों से करने की बात कही. करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद बिना वार्ता में शामिल हुए लौट गये.

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