
New Delhi. बेहतर मानसून के साथ सब्जियों समेत अन्य खाने का सामान सस्ता होने से खुदरा मुद्रास्फीति जून में छह साल के निचले स्तर 2.1 प्रतिशत पर रही है। यह भारतीय रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से काफी नीचे है. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति मई में 2.82 प्रतिशत और जून, 2024 में 5.08 प्रतिशत थी. नवंबर, 2024 से महंगाई दर में लगातार गिरावट आ रही है.राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने एक बयान में कहा कि इस साल जून में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति सालाना आधार पर 2.1 प्रतिशत रही. इसमें कहा गया, इस साल मई की तुलना में जून की सकल मुद्रास्फीति में 0.72 प्रतिशत की गिरावट आई है. यह जनवरी, 2019 के बाद महंगाई की सबसे कम दर है.इससे पहले जनवरी, 2019 में मुद्रास्फीति का निचला स्तर 1.97 प्रतिशत था.
रिजर्व बैंक को मुद्रास्फीति को दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है. वह खुदरा मुद्रास्फीति में कमी के मद्देनजर फरवरी से प्रमुख नीतिगत दर रेपो में एक प्रतिशत की कमी कर चुका है. इस बीच, थोक मुद्रास्फीति में भी गिरावट आई है और जून में यह 19 महीने के बाद शून्य से नीचे 0.13 प्रतिशत रही. मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों और ईंधन के दाम में गिरावट के साथ विनिर्मित उत्पादों की कीमत में नरमी से थोक महंगाई दर कम हुई है.
