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Jharkhand Vidhansabha: सूर्या हंसदा की ‘मुठभेड़’ में मौत और एसआईआर व 130वें संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ विधानसभा में जोरदार प्रदर्शन, हंगामा

Ranchi. झारखंड विधानसभा में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी सहयोगी पार्टियों ने, सूर्या हंसदा की मौत के मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग को लेकर हंगामा किया. सूर्या हंसदा की कथित तौर पर पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी. वहीं, सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस के विधायकों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और 130वें संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ भी प्रदर्शन किया। इस विधेयक में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को 30 दिन या उससे अधिक समय तक जेल में रहने की स्थिति में पद पर बने रहने पर रोक का प्रावधान है.

विपक्ष का आरोप
भाजपा की झारखंड इकाई के अध्यक्ष और विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि हंसदा की ‘साजिश रचकर हत्या’ की गई है. उन्होंने कहा, ‘हम मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हैं. हम यह मांग विधानसभा में भी उठाएंगे. भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की भी मांग की और आरोप लगाया कि सरकार आदिवासियों की जमीन लूट रही है. मरांडी ने कहा कि रांची के नगरी इलाके में एक अस्पताल के लिए आदिवासियों के भूखंडों का जबरन अधिग्रहण किया जा रहा है.उन्होंने कहा, ‘हम मांग करते हैं कि सरकार किसानों को जमीन लौटाए.

सत्ता पक्ष का आरोप
‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) के घटक दलों – झामुमो, कांग्रेस और राजद (राष्ट्रीय जनता दल) ने एसआईआर प्रक्रिया और 130वें संविधान संशोधन विधेयक का विरोध किया और आरोप लगाया कि ये लोकतंत्र को कमजोर करेंगे. राज्य मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा, ‘बिहार में चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूची संशोधन संदेह पैदा करता है. अगर झारखंड में ऐसी कोई प्रक्रिया अपनाई जाती है, तो झामुमो कड़ा विरोध करेगा. उन्होंने दावा किया कि 130वें संविधान संशोधन विधेयक का उद्देश्य ‘‘लोकतंत्र को कमजोर करना है.

यह है हंगामे की वजह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अगस्त को लोकसभा में 130वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था, जो किसी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और अन्य मंत्रियों को गंभीर आरोपों में 30 दिन या उससे अधिक समय तक गिरफ्तार रहने पर पद से हटाने का प्रावधान करता है. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही दोनों पक्षों के विधायक आसन के समीप आ गए और नारेबाजी करने लगे. विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सदस्यों से बार-बार अपनी अपनी सीट पर जाने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने अपना प्रदर्शन जारी रखा.

कई विधानसभा चुनाव लड़ चुके हंसदा को 10 अगस्त को देवघर के नवाडीह गांव से गिरफ्तार किया गया था और कथित मुठभेड़ उस समय हुई जब उन्हें छिपे हुए हथियार बरामद करने के लिए रहदबड़िया पहाड़ी पर ले जाया जा रहा था.उन्होंने कथित तौर पर पुलिस से एक हथियार छीन लिया था और हिरासत से भागने की कोशिश की तथा पुलिस पर गोली चला दी. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उनकी मौत हो गई.

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