
- लड़का होने पर गाय और लड़की पर 50,000 रुपये अपने वेतन से देने का वादा
- विजयनगरम में तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सांसद का तीसरा बच्चा होने पर वादा
तीसरा बच्चा पैदा करो और इनाम पाओ… जी हां! आपने बिलकुल सही पढ़ा है. ये अनोखा ऐलान टीडीपी (TDP) सांसद कालीसेट्टी अप्पाला नायडू ने किया है. लड़का होने पर गाय और लड़की पर 50,000 रुपये मिलेंगे. यह रकम वह अपने ही वेतन से देंगे. विजयनगरम में तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सांसद का महिलाओं को तीसरा बच्चा होने पर गिफ्ट देने का वादा (Have a third child and get a reward) अब चर्चा में बन गया है. यह घोषणा अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.
दरअसल आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रकाशम जिले के मरकापुर में आयोजित एक कार्यक्रम में घोषणा की थी कि सभी महिला कर्मचारियों को प्रसव के समय मेटरनिटी लीव दी जाएगी, चाहे उनके कितने भी बच्चे हों. दरअसल, मुख्यमंत्री ने यह सख्त संदेश दिया है कि सभी महिलाओं को यथासंभव अधिक से अधिक बच्चे पैदा करने चाहिए.
शुक्रवार को एक कांस्टेबल द्वारा गृह मंत्री को यह संदेह जाहिर किया गया था कि क्या महिला कर्मचारियों को प्रसव की संख्या के बावजूद मेटरनिटी लीव दी जाएगी? ऐसे मं शनिवार को मुख्यमंत्री ने इसका जवाब साफ कर दिया है. अभी तक महिला कर्मचारियों को केवल दो डिलीवरीज के लिए छह महीने की मेटरनिटी लीव पूर्ण वेतन के साथ मिलती थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि महिला कर्मचारियों को बच्चों की संख्या के बावजूद सभी प्रसवों के लिए लीव दी जाएगी. इसी के बाद विजयनगरम के सांसद कालीसेट्टी अप्पलानायडू ने तीसरे बच्चे को जन्म देने वाली महिलाओं के लिए प्रोत्साहन की घोषणा की है.
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विजयनगरम के राजीव स्पोर्ट्स कंपाउंड में आयोजित एक बैठक को संबोधित करते हुए विजयनगरम के सांसद ने घोषणा की कि अगर कोई महिला तीसरे बच्चे को जन्म देती है, तो बेटी होने पर 50,000 रुपये दिए जाएंगे जबकि बेटा होने पर उसे एक गाय दी जाएगी.
बता दें कि प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा जनसंख्या वृद्धि के लिए उठाए जाने वाले कदमों के आह्वान और दोनों द्वारा तीसरा बच्चा पैदा करने की पेशकश के मद्देनजर विजयनगरम के सांसद ने ऐसा फैसला लिया है. आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रकाशम जिले के मरकापुर में आयोजित एक कार्यक्रम में घोषणा की थी कि सभी महिला कर्मचारियों को प्रसव के समय मेटरनिटी लीव दी जाएगी, चाहे उनके कितने भी बच्चे हों.
