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NIT जमशेदपुर में आयोजित स्वास्थ्य वार्ता में हेपेटाइटिस के प्रति जागरूकता का संदेश

जमशेदपुर।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में सोमवार को विश्व हेपेटाइटिस दिवस के उपलक्ष्य में एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्रह्मानंद अस्पताल, जमशेदपुर के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. कल्याण कुमार ने छात्रों, फैकल्टी सदस्यों और कर्मचारियों को हेपेटाइटिस के विभिन्न प्रकार, कारण, लक्षण और रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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डॉ. कुमार ने बताया – समय पर इलाज है जरूरी
डॉ. कुमार ने कहा कि हेपेटाइटिस A, B, C, D और E प्रकार के होते हैं और ये संक्रमित जल, भोजन, रक्त और शरीर के तरल पदार्थों के माध्यम से फैल सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से हेपेटाइटिस-B और C के बारे में चेताया, जो बिना लक्षण के भी लंबे समय तक शरीर में रह सकते हैं और लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने कहा, “जल्दी पहचान और सही इलाज ही हेपेटाइटिस से बचाव का सबसे कारगर उपाय है।”
इस दौरान पीलिया, थकान, मतली, उल्टी, और भूख न लगना जैसे लक्षणों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई।
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स्वस्थ जीवनशैली पर ज़ोर
उपचार के साथ-साथ डॉ. कुमार ने जीवनशैली में बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने साफ पानी पीने, संतुलित आहार लेने, टीकाकरण करवाने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की।
उनका कहना था कि हेपेटाइटिस न केवल एक व्यक्ति को प्रभावित करता है, बल्कि यह एक सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती भी है।

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आयोजन रहा सफल
यह स्वास्थ्य वार्ता NIT जमशेदपुर के चिकित्सा विभाग की ओर से आयोजित की गई थी। इसकी सफलता में संस्थान के चिकित्सक डॉ. अभय और मेडिकल चेयरमैन डॉ. एम. हसन की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी लोगों ने डॉ. कुमार द्वारा साझा की गई वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक जानकारी की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में कारगर हैं।
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