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राज्य सभा में गृह मंत्री शाह और तृणमूल सांसद साकेत गोखले के बीच तीखी नोकझोंक

नई दिल्ली. राज्य सभा में बुधवार को गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद साकेत गोखले के बीच तीखी बहस देखने को मिली. चर्चा के दौरान गोखले ने ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया, जिस पर गृह मंत्री शाह ने उन्हें गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया.

अमित शाह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं किसी की कृपा से नहीं, बल्कि जनता के समर्थन से चुनाव जीतकर यहां पहुंचा हूं.” उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों का सम्मान नहीं करती, खासकर बंगाल में चुनावी हिंसा से जुड़े मामलों में.

शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा हो रही है, लेकिन गोखले ईडी और सीबीआई की चर्चा कर रहे हैं. अगर गोखले इस मुद्दे को लाना चाहते हैं, तो मुझे भी मौका दिया जाए, मैं हर सवाल का जवाब दूंगा.

इस पर साकेत गोखले ने कहा, “गृह मंत्री बोलने से पहले ही डर गए हैं.” इस टिप्पणी पर शाह ने दोबारा कहा कि “मैं किसी से डरता नहीं हूं, न ही किसी विचारधारा का विरोध करके यहां आया हूं. जनता के समर्थन से चुनाव जीतकर यहां पहुंचा हूं.”

बात यहीं नहीं रुकी. गोखले ने आगे कहा, “गृह मंत्री भी साबरमती जेल में रह चुके हैं और मैं भी.” उनके इस बयान पर सत्तापक्ष के सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया और राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने इस पर आपत्ति जताई.

राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने बहस के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए गोखले को अपना बयान वापस लेने को कहा, लेकिन गोखले ने इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, “भाजपा वाले चाहे तो अपने बयान डिलीट करें, लेकिन ममता बनर्जी के सिपाही पीछे नहीं हटेंगे.”

इसके बाद सभापति धनखड़ ने गोखले की टिप्पणी को असंसदीय बताते हुए कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया.

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