
Jamshedpur. जमशेदपुर में कथित छेड़छाड़ के विरोध के दौरान हुई मारपीट और हमले में करणी सेना के नेता की मौत मामले में फरार हत्यारों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है और छह विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया गया है।इन टीमों का नेतृत्व सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, सीसीआर डीएसपी और दो मुख्यालय डीएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी कर रहे हैं। बुधवार रात एडीजी के साथ हुई आला अधिकारियों की मैराथन बैठक के बाद आरोपितों की धरपकड़ का अभियान बेहद तेज कर दिया गया है।
बुधवार रात नौ से 11 बजे तक चली उच्च स्तरीय बैठक में कोल्हान डीआइजी अनुरंजन किस्पोट्टा, नवनियुक्त वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एहतेशाम वकारिब, सरायकेला-खरसावां के नए एसपी, सभी डीएसपी और थाना प्रभारी मौजूद रहे।
नए एसएसपी एहतेशाम वकारिब को शहर की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों से अवगत कराया गया। एडीजी ने डीडी बार में विवाद की शुरुआत से लेकर हत्या तक के एक-एक घटनाक्रम की बारीकी से समीक्षा की।
भाजपा द्वारा शुक्रवार को प्रस्तावित जमशेदपुर बंद के मद्देनजर एडीजी ने सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए मानगो और आदित्यपुर समेत कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर गश्त बढ़ा दी गई है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले उपद्रवियों से पूरी सख्ती से निपटा जाए और किसी भी अप्रिय स्थिति पर तुरंत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो।
हिंसक प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने बुधवार को कुछ इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चेतावनी दी कि अगर आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया, तो पार्टी शुक्रवार को शहर बंद का आह्वान करेगी। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली सरकार के शासन में राज्य में आपराधिक गतिविधियों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
