
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया है. उन्हें यह सम्मान मानवाधिकार और लोकतंत्र के लिए उनकी कोशिशों के लिए दिया गया है. यह जानकारी पाकिस्तान वर्ल्ड अलायंस और नॉर्वेजियन राजनीतिक पार्टी सेंट्र की ओर से साझा की गई है. पार्टी सेंट्र ने सोशल मीडिया पर इस नॉमिनेशन की घोषणा की, जिसमें कहा गया कि इमरान खान को पाकिस्तान में लोकतंत्र और मानवाधिकार के प्रति उनके योगदान के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया है.
यह इमरान खान का दूसरा मौका है जब उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया है. इससे पहले, 2019 में दक्षिण एशिया में शांति स्थापित करने के उनके प्रयासों के लिए उन्हें नॉमिनेट किया गया था.
इमरान खान, जो पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के संस्थापक हैं, अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं. उन्हें सत्ता के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत 14 साल की सजा सुनाई गई थी. इससे पहले, अप्रैल 2022 में पाकिस्तान की संसद में अविश्वास प्रस्ताव पास होने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था.
हर साल नोबेल शांति पुरस्कार के लिए सैकड़ों नॉमिनेशन प्राप्त होते हैं, और इनका चयन करने की प्रक्रिया में लगभग आठ महीने का समय लगता है. इस दौरान नोबेल समिति इन नॉमिनेशन्स का गंभीरता से मूल्यांकन करती है और तब विजेता का चयन करती है.
इमरान खान को यह नॉमिनेशन उनकी उन कोशिशों के लिए दिया गया है जिनका उद्देश्य पाकिस्तान में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना और नागरिकों के अधिकारों को सुनिश्चित करना है. उनके जेल में बंद होने के बावजूद, यह नॉमिनेशन उनकी राजनीतिक यात्रा और संघर्ष को वैश्विक पहचान प्रदान करता है.
