Site icon Lahar Chakra

India-Pak Tension: UNSC ने भारत-पाक के बीच तनाव पर बंद कमरे में की चर्चा, पहलगाम हमले की निंदा की, पाकिस्तान से मांगा जवाब, दोनों पक्ष से ‘संयम’ बरतने का  आह्वान 

Newyork. भारत-पाकिस्तान के मध्य बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने बंद कमरे में इस मुद्दे पर चर्चा की, जिसमें राजदूतों ने संयम बरतने और संवाद करने का आह्वान किया. साथ ही पहलगाम हमले पर पाकिस्तान से जवाबदेही की मांग की गयी है. वैश्विक सुरक्षा निकाय के सदस्यों ने पाकिस्तान के परमाणु बयानबाजी को भी तनाव बढ़ाने वाला बताते हुए स्थिति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने के इस्लामाबाद के प्रयासों को विफल कर दिया. परिषद के 10 गैर स्थायी सदस्यों में से एक पाकिस्तान ने भारत के साथ तनाव को देखते हुए यूएनएससी से “बंद परामर्श” का अनुरोध किया था. एक घंटे से अधिक समय तक चली बातचीत के दौरान, यूएनएससी के सदस्यों ने हमले की निंदा की और जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर दिया. पाकिस्तान ने भारत द्वारा 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा,‘‘पानी जीवन है, हथियार नहीं. ये नदियां 24 करोड़ से अधिक पाकिस्तानियों का भरण-पोषण करती हैं. अहमद ने कहा कि बैठक में पाकिस्तान ने ‘‘भारत सहित अपने सभी पड़ोसियों के साथ शांतिपूर्ण, सहयोगात्मक संबंधों के लिए अपनी प्रतिबद्धता’’ दोहराई.
यूएनएससी की बैठक से पहले संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने बातचीत में कहा था कि ऐसी चर्चा से कोई परिणाम की उम्मीद नहीं की जा सकती है, जहां संघर्ष में शामिल एक पक्ष परिषद की अपनी सदस्यता का उपयोग करके धारणाओं को आकार देने की कोशिश करता है. भारत ऐसे पाकिस्तानी प्रयासों को विफल करेगा.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मई महीने के लिए अध्यक्ष यूनान ने पाकिस्तान के अनुरोध पर सोमवार को बैठक निर्धारित की थी. पाकिस्तान वर्तमान में सुरक्षा परिषद का एक अस्थायी सदस्य है. बैठक जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा 26 लोगों की हत्या किए जाने के कुछ दिनों बाद हुई. पहलगाम हमले की घटना के बाद से भारत में आक्रोश फैल गया है. सुरक्षा परिषद ने बैठक के बाद कोई बयान जारी नहीं किया लेकिन पाकिस्तान ने दावा किया कि उसके उद्देश्य ‘‘काफी हद तक पूरे हो गए. पाकिस्तान, वर्तमान में 15 सदस्यीय शक्तिशाली सुरक्षा परिषद का एक अस्थायी सदस्य है, जिसने परमाणु-हथियार संपन्न पड़ोसी देशों के बीच स्थिति को लेकर ‘‘बंद कमरे में परामर्श’’ का अनुरोध किया था. बैठक से बाहर आकर रूस के एक राजनयिक ने कहा, हमें तनाव कम होने की उम्मीद है.
Exit mobile version