Site icon Lahar Chakra

Iran-Israel War: हम मारना नहीं चाहते, पर अमेरिका जानता है कि खामेनेई कहां छिपे हैं, जल्द करें सरेंडर, ट्रंप ने शीर्ष ईरानी नेता को दी चेतावनी

Washington. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जानता है कि ईरान के शीर्ष (धार्मिक) नेता अयातुल्ला अली खामेनेई कहां छिपे हैं, लेकिन वह फिलहाल उन्हें मारना नहीं चाहता. ट्रंप ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने का आग्रह किया, क्योंकि पांच दिन से जारी संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है. ट्रंप ने कहा कि हमें अच्छी तरह पता है कि तथाकथित सर्वोच्च नेता कहां छिपे हैं. वह एक आसान निशाना हैं, लेकिन वहां सुरक्षित हैं, हम उन्हें अभी मारने नहीं जा रहे हैं, कम से कम फिलहाल तो नहीं. लेकिन हम नहीं चाहते कि आम नागरिकों या अमेरिकी सैनिकों पर मिसाइलें दागी जाएं. हमारा संयम अब जवाब दे रहा है.

तेहरान के प्रति ट्रंप की भाषा आक्रामक

तेहरान के प्रति ट्रंप की भाषा पहले से कहीं ज्यादा आक्रामक हो गई है. ट्रंप की ये कठोर टिप्पणियां उस समय आई है जब ट्रंप ने तेहरान के 95 लाख निवासियों से अपनी जान बचाने के लिए शहर छोड़ने की अपील की है और एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की अपनी यात्रा बीच में ही छोड़कर वॉशिंगटन लौट आए ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ आपात बैठक कर सकें.

ट्रंप मंगलवार की सुबह व्हाइट हाउस पहुंचे. वाशिंगटन लौटते ही ट्रंप ने ईरानी नेताओं के साथ समझौता न कर पाने के लिए निराशा व्यक्त की. उन्होंने कहा कि वे अब इस संघर्ष का सच्चा अंत चाहते हैं और तेहरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह बंद हो जाना चाहिए. ट्रंप ने कहा कि उन्हें समझौता कर लेना चाहिए था. मैंने कहा था, ‘समझौता करो.’ तो मैं अब ज्यादा बातचीत के मूड में नहीं हूं.

जी-7 शिखर सम्मेलन को बीच में ही छोड़कर लौटे अमेरिका

ईरान ने कई बार कहा है कि उनका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ शांतिपूर्ण है और अमेरिकी खुफिया एजेंसियां भी मानती हैं कि वे सक्रिय रूप से परमाणु बम नहीं बना रहे. ट्रंप ने कनाडा में जारी जी-7 शिखर सम्मेलन को बीच में ही छोड़कर वाशिंगटन रवाना होने से पहले सोमवार रात को एक संदेश में लिखा, ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि सभी को तेहरान तत्काल खाली कर देना चाहिए. ‘एयर फोर्स वन’ में सवार पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि उन्होंने तेहरान को खाली करने का अनुरोध क्यों किया, इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मैं बस यही चाहता हूं कि लोग सुरक्षित रहें. ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल पर 370 से ज़्यादा मिसाइलें और सैकड़ों ड्रोन दागे हैं. इन हमलों में अब तक इजराइल में 24 लोग मारे गए हैं और 500 से ज़्यादा घायल हुए हैं. इस बीच, इजराइली सेना ने कहा कि मंगलवार को फिर से मिसाइलें छोड़ी गईं और उत्तरी इजराइल में विस्फोटों की आवाज सुनी गयी.

Exit mobile version