
नई दिल्ली. पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हालात बेहद नाज़ुक हो गए हैं. इस हमले के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है और पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं, जिनमें पाकिस्तानी सैन्य अताशे को निष्कासित करना, अटारी सीमा को बंद करना और पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना शामिल है. इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उन्हें हालात की जानकारी दी.
भारत के कड़े रुख से बौखलाया पाकिस्तान
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर पांच बड़े प्रतिबंध लगाए हैं और सभी पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीज़ा सेवाएं निलंबित कर दी हैं. इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी भारत के साथ सभी प्रकार के व्यापार पर रोक लगाने की घोषणा की है. पाकिस्तान ने चेतावनी दी है कि अगर भारत ने उसके जलमार्गों को रोका, तो इसे “युद्ध की घोषणा” माना जाएगा.
विदेशी राजनयिकों को दी गई जानकारी
हमले के बाद भारत सरकार ने कूटनीतिक स्तर पर भी तेजी से कदम उठाए हैं. विदेश मंत्रालय ने साउथ ब्लॉक में जी20 देशों समेत कई अहम राष्ट्रों के राजदूतों को बुलाकर आतंकी हमले की विस्तृत जानकारी दी. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, चीन, जापान, जर्मनी, इटली, यूएई, कतर, इंडोनेशिया, मलेशिया और नॉर्वे सहित अन्य देशों के राजनयिकों को ब्रीफ किया.
सेना प्रमुख का जम्मू-कश्मीर दौरा
इस बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे. वे श्रीनगर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे और स्थानीय सैन्य कमांडरों के साथ आतंकवाद विरोधी अभियानों पर चर्चा करेंगे. इस दौरान 15 कोर कमांडर और राष्ट्रीय राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. स्थिति पर हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है और आने वाले दिनों में भारत की तरफ से और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं.
