
Dubai. इजराइल ने शुक्रवार को ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर युद्धक विमानों और तस्करी करके लाए गए ड्रोनों से भीषण हमले किये ताकि प्रमुख प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा सके और शीर्ष जनरलों एवं वैज्ञानिकों को मारा जा सके. इजराइल ने कहा कि इससे पहले ईरान परमाणु हथियार बना पाता यह हमला जरूरी था. इजराइल के हमले के बाद ईरान ने भी शुक्रवार को जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल पर 150 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे यरुशलम और तेल अवीव के ऊपर आसमान में विस्फोट हुए. इस हमले में इजराइल के दो नागरिकों की मौत की सूचना है.
शनिवार सुबह यरुशलम के ऊपर आसमान में सायरन और धमाकों की आवाजें फिर सुनाई दीं जो इस बात का संकेत देती हैं कि ईरान ने फिर से हमला किया है. हमलों के बीच इजराइली सेना ने नागरिकों से सुरक्षित स्थानों में जाने का आग्रह किया है. ईरान के अर्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ के साथ घनिष्ठ संबंध रखने वाले ईरानी वेबसाइट ‘नूर न्यूज’ ने कहा कि नए हमले शुरू किए गए हैं. तेल अवीव में ‘एसोसिएटेड प्रेस’ के पत्रकारों ने कम से कम दो ईरानी मिसाइलों को जमीन पर गिरते देखा.ईरान की तरफ से दूसरे दिन किए गए हमलों में घायल हुए सात लोगों का तेल अवीव के एक अस्पताल में इलाज किया गया। घायलों में एक की हालत गंभीर है.इजराइल की अग्निशमन और बचाव सेवाओं ने कहा कि प्रक्षेपास्त्र के एक इमारत से टकराने के कारण ये लोग घायल हुए.
इस बीच, शनिवार आधी रात के बाद मध्य तेहरान में विस्फोटों और ईरानी हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा लक्ष्यों पर की गई गोलीबारी की आवाजें गूंजने लगीं. ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ ने तेहरान के मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आग लगने की खबर दी है, साथ ही ‘एक्स’ पर एक वीडियो भी साझा किया जिसमें धुएं का गुबार और लपटें उठती दिखाई दे रही हैं.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने शुक्रवार को एक संदेश में कहा, ‘हम उन्हें इस अपराध के बाद बच कर नहीं निकलने देंगे. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने कहा कि इजराइली हमलों में 78 लोग मारे गए और 320 से अधिक घायल हुए.
