
Jamshedpur. पूर्वी सिंहभूम जिले में ब्रेन मलेरिया का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। सबसे अधिक प्रभावित पोटका प्रखंड में एक-एक परिवार के कई सदस्य बुखार और मलेरिया की चपेट में हैं।
हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सामान्य मलेरिया और ब्रेन मलेरिया के 20 से अधिक मरीज भर्ती हैं।
इनमें 15 मरीज शिशु रोग विभाग में इलाजरत हैं, जबकि पांच बच्चों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। गंभीर बच्चों का इलाज पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआइसीयू) और नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआइसीयू) में किया जा रहा है।
इनमें एक बच्ची वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझ रही है। पोटका निवासी एक वर्षीय खुशबू सरदार की हालत सबसे ज्यादा चिंताजनक है। गंभीर मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण पीआईसीयू और एनआईसीयू के सभी बेड भर चुके हैं। अस्पताल में फिलहाल केवल दो वेंटिलेटर उपलब्ध हैं, जबकि गंभीर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सकों के अनुसार, बरसात के मौसम में सामान्य मलेरिया के साथ ब्रेन मलेरिया के मामले तेजी से बढ़ते हैं।
