
Jamshedpur. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच फारस की खाड़ी का समुद्री क्षेत्र इन दिनों हाई-अलर्ट पर है। ड्रोन हमलों और मिसाइल गतिविधियों के बीच एक भारतीय कप्तान अपने जहाज और 23 सदस्यीय दल की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। जमशेदपुर के मानगो निवासी कैप्टन मनीष कुमार की, जो इस समय केमिकल टैंकर ‘एमटी बो टाइगर’ के मास्टर के रूप में दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री क्षेत्र में तैनात हैं। कैप्टन मनीष जिस जहाज की कमान संभाल रहे हैं, वह साधारण पोत नहीं बल्कि अत्यंत ज्वलनशील रसायनों से लदा केमिकल टैंकर है। जहाज पर मेथेनॉल जैसे खतरनाक पदार्थों का भंडार मौजूद है। मौजूदा हालात में जहां ड्रोन और मिसाइल हमले आम हो चुके हैं, ऐसे में इस तरह के कार्गो के साथ समुद्र में मौजूद रहना बेहद जोखिम भरा है।
कैप्टन मनीष के अनुसार, उन्होंने खुद ड्रोन को हवा में इंटरसेप्ट होते देखा है। उनका कहना है कि “यहां हर पल सतर्क रहना पड़ता है। एक छोटी सी चूक भी बड़े हादसे में बदल सकती है।”
23 भारतीय क्रू मेंबर्स की जिम्मेदारी
इस जहाज पर कुल 23 क्रू मेंबर्स सवार हैं, जो सभी भारतीय हैं। ऐसे संकटपूर्ण माहौल में कैप्टन मनीष न सिर्फ जहाज का संचालन कर रहे हैं, बल्कि अपने दल का मनोबल भी बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि जहाज पर फिलहाल खाद्य सामग्री और आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता है और कंपनी का सहयोग भी मिल रहा है। “चुनौतियां बड़ी हैं, लेकिन हमारी टीम का हौसला उससे भी बड़ा है,” उन्होंने कहा।
मानगो से मर्चेंट नेवी तक का सफर
कैप्टन मनीष कुमार जमशेदपुर के मानगो स्थित आशियाना अनंतारा के निवासी हैं। बचपन से ही उन्हें समुद्र और दुनिया घूमने का शौक था। उन्होंने चेन्नई के डीएवी स्कूल से अपनी शिक्षा पूरी की और वर्ष 1997 में मर्चेंट नेवी में करियर की शुरुआत की। आज, जब वैश्विक समुद्री मार्गों पर खतरा बढ़ा हुआ है, ऐसे समय में जमशेदपुर का यह जांबाज न केवल अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा है, बल्कि देश के 23 नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए साहस और जिम्मेदारी की मिसाल भी पेश कर रहा है।
