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Jamshedpur: CID ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले में मानगो निवासी ऋतिक को किया गिरफ्तार

Jamshedpur. झारखंड सीआईडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में बुधवार को चार और लोगों को गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। एजेंसी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जमशेदपुर के मानगो थाना क्षेत्र के सुंदर नगर गार्डन निवासी ऋतिक रोशन (29) और रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र स्थित शिव भवन निवासी पंकज प्रसून के रूप में हुई है।

सीआईडी ने एक बयान में कहा, “दोनों आरोपियों को इससे पहले लालपुर (रांची) स्थित ‘शिवांगन की पाठशाला’ कोचिंग सेंटर के संचालक संजीत कुमार ने परीक्षाओं में अनुचित लाभ पहुंचाया था।” कोचिंग सेंटर संचालक को एजेंसी ने सोमवार को गिरफ्तार किया था। सीआईडी ने इस मामले में अब तक जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते समेत करीब 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। खियांग्ते को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।

एजेंसी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा-2023 में कथित अनियमितताओं के मामले में भी दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र के गोलवाढाब गांव निवासी राजेश प्रसाद यादव और इसी जिले के पूर्णा नगर निवासी संदीप कुमार के रूप में हुई है। सीआईडी ने कहा,दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने परीक्षा में कई जेएसएससी-सीजीएल अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने में मदद की थी।”
इन गिरफ्तारियों के साथ ही जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में सीआईडी अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। नौकरी के अभ्यर्थियों ने 25 जुलाई से प्रदर्शन किया था और जेपीएससी तथा जेएसएससी की ओर से आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने तथा कथित अनियमितताओं की केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग की थी।

राज्य सरकार ने प्रदर्शन के बाद 18 अगस्त को जेएसएससी-सीजीएल-2023 समेत कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी। इसके बाद अभ्यर्थियों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया था। हालांकि, सफल अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिका पर झारखंड उच्च न्यायालय ने सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी।

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