
जमशेदपुर. सरायकेला के एक ईंट व्यवसायी के बेटे को अगवा कर दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. मानगो के जवाहर नगर में हुई एक नाटकीय छापेमारी में पुलिस ने एक युवती समेत चार अपराधियों को धर दबोचा. इस दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर गोलियां भी चलाईं, लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वे पस्त हो गए. मौके से दो हथियार भी बरामद हुए हैं.
सरायकेला के सीनी इलाके से 20 जुलाई को अगवा किए गए ईंट व्यवसायी खुर्शीद के 20 वर्षीय बेटे हसन के मामले में पुलिस ने शिकंजा कस दिया है. मानगो के जवाहर नगर में एक मकान में छिपे अपहरणकर्ताओं को जब पुलिस ने घेरा तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी. हालांकि, पुलिस ने बहादुरी का परिचय देते हुए एक युवती समेत चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार लोगों में आदित्यपुर का कुख्यात अपराधी कलीम खान भी शामिल है. अपहरण कांड के आरोपी मानगो के जवाहर नगर रोड नंबर 14 स्थित एक मकान में छिपे हुए हैं.
सूचना मिलते ही सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर पुलिस की एक संयुक्त टीम तैयार की गई, जिसका नेतृत्व सिटी एसपी कुमार शिवाशीष कर रहे थे. पुलिस ने योजना के तहत मंगलवार देर रात पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली. अपराधियों को इस बात की भनक तक नहीं लगी. जब पुलिस ने मकान का दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं आया. पुलिस ने जब घेरा सख्त किया तो अपराधियों ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए खिड़की से एक पिस्तौल बाहर फेंक दी. इसी बीच, मकान के अंदर से पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग की गई. गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल गया. गनीमत रही कि इस गोलीबारी में कोई भी पुलिसकर्मी हताहत नहीं हुआ.
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए और बिना कोई मौका गंवाए, घर में धावा बोल दिया. अंदर का नजारा देख पुलिस भी हैरान रह गई. अपराधियों के साथ एक युवती भी मौजूद थी, जो इस पूरे खेल में उनकी ढाल बनी हुई थी. पुलिस ने मौके से कलीम खान, अजहरुद्दीन उर्फ बाबू, आमिर खान और एक युवती को गिरफ्तार कर लिया.
पहले भी वसूल चुका था पांच लाख की रंगदारी
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार अजहरुद्दीन उर्फ बाबू पहले भी ईंट-भट्ठा मालिक खुर्शीद से पांच लाख रुपये की रंगदारी वसूल चुका था. वह लगातार व्यवसायी को परेशान कर रहा था और पैसे की मांग कर रहा था. जब व्यवसायी ने और पैसे देने से इनकार कर दिया, तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उनके बेटे हसन का अपहरण कर लिया और दो करोड़ की मोटी फिरौती की मांग की.
पुलिस के दबाव में छोड़ा था अपहृत को
गौरतलब है कि 20 जुलाई को हसन के अपहरण के बाद से ही पुलिस लगातार अपराधियों पर दबाव बनाए हुए थी. इसी दबाव के चलते अपराधी घबरा गए और हसन को सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के हेंसल में छोड़कर फरार हो गए थे.
लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी और उनकी तलाश जारी रखी, जिसका नतीजा आज सबके सामने है. गिरफ्तार अपराधियों के पास से हथियार बरामद होने के कारण मानगो थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है.
