
Jamshedpur. जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) क्षेत्र में अवैध निर्माण और नक्शा विचलन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से चार याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने गंगा रिजेंसी, पटियाला विंस बिल्डिंग सहित अन्य दो निर्माणों के संबंध में फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। यह आदेश गंगा रिजेंसी एलएलपी बनाम राकेश कुमार झा एवं अन्य मामले की सुनवाई के दौरान पारित किया गया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विनीत सिन्हा और अधिवक्ता देवेश अजनानी ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने छूट संबंधी आवेदन स्वीकार करते हुए इस मामले में नोटिस जारी किया है।
सुप्रीम कोर्ट में झारखंड हाईकोर्ट द्वारा 14 और 28 जनवरी को पारित आदेशों को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने तीन अधिवक्ताओं की समिति की रिपोर्ट के आधार पर जेएनएसी को प्रतिवादियों के भवनों को तोड़ने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रतिवादियों द्वारा दायर संशोधन आवेदनों को हाईकोर्ट ने बीते 28 और 29 जनवरी को खारिज कर दिया था। इन्हीं आदेशों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई है।
हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण तोड़ने का दिया था आदेश
राकेश कुमार झा द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने जेएनएसी को सभी 24 प्रतिवादियों के अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया था। प्रतिवादियों ने इस आदेश पर रोक लगाने और संशोधन करने का अनुरोध किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि अवैध निर्माण किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। यह जनहित याचिका झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ के समक्ष सुनी गई थी।
