
Jamshedpur.जमशेदपुर। क्षत्रिय करणी सेना ने यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन ने इस मामले में मंगलवार को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन उपायुक्त को डीसी ऑफिस में सौंपकर इसे अविलंब वापस लेने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के बाद करनी सेना के प्रदेश सचिव कमलेश सिंह ने डीसी ऑफिसर परिसर में मीडिया को दिये बयान में कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में इक्विटी कमेटियों के गठन से संबंधित नई अधिसूचना संविधान की मूल भावना के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि उक्त अधिसूचना के तहत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में 90 दिनों के भीतर इक्विटी कमेटियों के गठन का प्रावधान किया गया है, जिन्हें छात्रों से जुड़ी शिकायतों की जांच का अधिकार दिया गया है।
लेकिन करणी सेना का मानना है कि यह व्यवस्था संविधान में प्रदत्त समानता के अधिकारों का उल्लंघन करता है।कमलेश सिंह ने कहा कि भारत का संविधान अनुच्छेद 14, 15 और 21 के तहत सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है, जबकि यह अधिसूचना केवल एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों के अधिकारों पर केंद्रित है और सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों को नजरअंदाज करती है।उन्होंने आरोप लगाया कि यह अधिसूचना समान अवसर के सिद्धांत को कमजोर करती है और संविधान की मूल संरचना के विपरीत है।
