- स्थानीय स्तर पर समाजसेवी मदद पहुंचाने में जुटे, खाने-पीने का किया गया इंतजाम
जमशेदपुर. खरकई का पानी उफनते ही बागबेड़ा के निचले इलाकों में पानी भर गया है. बागबेड़ा नया बस्ती, बाबा कुट्टी के निकले इलाकाें, सिद्धू कान्हूं बस्ती, रेलवे सोसाइटी के बगल के बस्तियों में शामिल शिवनगर आदि में में बाढ़ का पानी घुस चुका है. इससे 200 से अधिक परिवार प्रभावित हुए है. यही स्थिति जुगसलाई के नदी से सटे इलाकों में हुई है. कुल मिलाकर 400 से अधिक परिवार इससे प्रभावित हुए है.
उधर बागबेड़ा नया बस्ती में तेजी से बाढ़ का पानी 100 घरों घुस चुका हैं, 50 से 60 घर पूर्ण रूप से बाढ़ की चपेट में हैं. कई बस्तियों में निचले इलाका में बाढ़ घुसने का क्रम जारी है. यहां के लोगों के लिए प्राथमिक विद्यालय रोड, सिद्धू कानू मैदान, लोहिया भवन, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बागबेड़ा थाना चौक में सुरक्षित कैंप बनाया गया है.
भाजपा नेता सुबोध झा की माने तो लगभग 4 सौ से ऊपर मकान बागबेड़ा में बाढ़ से डूब चुके हैं एवं अन्य बस्तियों में भी पानी प्रवेश कर चुका है. रेलवे सोसाइटी, रिवर व्यू कॉलोनी, प्रधान टोला, बाजार टोला, ऐदल झोपड़ी, सीपी टोला ,हरहरगुड्डू का निचला भाग, गणेश नगर का निचला भाग, शिवनगर निचला भाग, बागबेड़ा नया बस्ती के रोड नंबर एक ,रोड नंबर 2 ,रोड नंबर 3 एवं निचले भाग का सभी हिस्सा डूब चुके हैं.
बाबा कुटी जुगसलाई क्षेत्र के भी कई बस्तियों में पानी घुस चुका है गरीब नवाज कॉलोनी तेल पत्ती शिव घाट हरिया भट्टी सभी में पानी भर चुके हैं और पानी तेजी से बढ़ रहा है.
रेस्क्यू टीम पहुंचे, सीओ समेत प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे

ग्राम वासियों के सहयोग से खिचड़ी बांटी जा रही
सरकार की नाकामी, स्लुईस गेट बना होता यह स्थिति नहीं होती : सुबोध
भाजपा नेता सुबोध झा ने वर्तमान स्थिति के लिए जिला प्रशासन को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि शिव घाट पर बने स्लुईस गेट का सही रूप से निर्माण कराया गया होता तो यह स्थिति नहीं आती. यहां दो 50 एचपी के मोटर एवं जनरेटर की व्यवस्था करने से बाढ़ के पानी निकालना आसान होता. जब यह यह व्यवस्था नहीं की जाती है इसी प्रकार से बाढ़ में बस्ती वासी डूबते रहेंगे,