जमशेदपुर: राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस (10 जुलाई) के अवसर पर जिला मत्स्य कार्यालय, जमशेदपुर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के आठ मत्स्य बीज उत्पादकों के बीच 1 करोड़ 60 लाख मत्स्य स्पॉन का वितरण किया गया। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले मत्स्य मित्रों और महिला उद्यमियों को प्रशस्ति-पत्र एवं शॉल देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू थीं, जबकि जिला परिषद उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। मत्स्य निदेशालय, रांची से उप मत्स्य निदेशक मनोज कुमार ठाकुर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला मत्स्य पदाधिकारी अलका पन्ना, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार वर्मा, जिले के मत्स्य मित्र, मत्स्य पालक, महिला उद्यमी और विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
आधुनिक तकनीक अपनाकर बढ़ाएं मत्स्य उत्पादन
उप मत्स्य निदेशक मनोज कुमार ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि मत्स्य पालन आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार का मजबूत आधार बन चुका है। उन्होंने मत्स्य पालकों से आधुनिक तकनीक अपनाकर उत्पादन बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।
मुख्य अतिथि बारी मुर्मू और विशिष्ट अतिथि पंकज सिन्हा ने भी मत्स्य पालकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मत्स्य पालन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने युवाओं और महिलाओं से इस क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।
1.60 करोड़ मत्स्य स्पॉन का हुआ वितरण
राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस के अवसर पर जिले के आठ मत्स्य बीज उत्पादकों को 1 करोड़ 60 लाख मत्स्य स्पॉन वितरित किए गए। इससे जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और मत्स्य पालन व्यवसाय को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
उत्कृष्ट मत्स्य मित्र और महिला उद्यमी हुए सम्मानित
कार्यक्रम में उत्कृष्ट योगदान देने वाले मत्स्य मित्रों और महिला उद्यमियों को प्रशस्ति-पत्र एवं शॉल देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वाले प्रमुख नाम:
- नमिता नन्दी (पोटका)
- पार्वती हांसदा (जादूगोड़ा)
- दीपाली महतो (जमशेदपुर)
- राजन कुमार सिन्हा (जमशेदपुर)
- स्वप्न कुमार कैवर्त (पटमदा)
- प्रधनचन्द महतो (बोड़ाम)
- वीरसिंह बेसरा (डुमरिया)
मत्स्य पालन योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभागियों को मत्स्य पालन से रोजगार सृजन, उत्पादन वृद्धि और मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि सरकार मत्स्य पालन को आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।
राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, मत्स्य पालकों को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।