
जमशेदपुर: अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस (International Olympic Day) के अवसर पर मंगलवार को जमशेदपुर के धातकीडीह कम्युनिटी सेंटर में एक भव्य और ऊर्जा से भरे सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। झारखंड सरकार के पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग तथा पूर्वी सिंहभूम जिला खेल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में, अपनी प्रतिभा से जिले और राज्य का परचम लहराने वाले कुल 37 अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।
डीसी बोले- ‘आप सिर्फ एथलीट नहीं, युवाओं के असली रोल मॉडल हैं’
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद उपायुक्त (DC) राजीव रंजन ने सभी 37 विजेता खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां सिर्फ एक मेडल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये पूरे झारखंड की खेल अस्मिता का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को मोबाइल स्क्रीन से निकालकर मैदान तक लाने के लिए यही खिलाड़ी असली ‘रोल मॉडल’ साबित होंगे। डीसी ने भरोसा जताया कि राज्य सरकार की नई खेल नीतियों का लाभ उठाकर ये प्रतिभाएं भविष्य में ओलंपिक के पोडियम तक पहुंचेंगी।
दिग्गजों के बीच हुआ 9 खेल विधाओं के धुरंधरों का सम्मान
इस गरिमामयी मौके पर उप विकास आयुक्त (DDC) नागेंद्र पासवान, धालभूम के एसडीएम अर्नव मिश्रा और पूर्व ओलंपियन हरभजन सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। मंच पर जब शूटिंग, शतरंज, बास्केटबॉल, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी, ताइक्वांडो, कबड्डी और फुटबॉल जैसे विभिन्न खेलों के मेडल विजेताओं के नाम पुकारे गए, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मंच पर पूर्व ओलंपियन हरभजन सिंह की मौजूदगी ने वहां बैठे छोटे व युवा एथलीटों के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार किया।
रूपा रानी तिर्की ने संभाला मंच, फुटबॉल चैंपियंस को भी मिली ट्रॉफी
कार्यक्रम का संचालन खुद अंतरराष्ट्रीय लॉन बॉल खिलाड़ी और वर्तमान में पूर्वी सिंहभूम की जिला खेल पदाधिकारी (DSO) रूपा रानी तिर्की ने किया। मुख्य सम्मान के अलावा, जिला खेल विभाग द्वारा ओलंपिक दिवस के उपलक्ष्य में कराई गई विशेष ‘बालक एवं बालिका वर्ग फुटबॉल प्रतियोगिता’ के विजेता और उपविजेता टीमों को भी मंच पर बुलाकर स्वर्ण व रजत पदक के साथ चमचमाती ट्रॉफी सौंपी गई।
समारोह में जिले के तमाम खेल संघों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशिक्षक (कोच) और भारी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे। इस पूरे आयोजन ने जमशेदपुर को एक बार फिर यह अहसास कराया कि इसे देश की ‘स्पोर्ट्स सिटी’ क्यों कहा जाता है।
