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JAMSHEDPUR NEWS ‘काव्य किरण’ के अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में सजी कविता, गीत और ग़ज़लों की महफिल, कवियों ने बांधा समा

जमशेदपुर। साहित्यिक संस्था “काव्य किरण” द्वारा सिंहभूम जिला भोजपुरी साहित्य परिषद के सहयोग से गोलमुरी स्थित भोजपुरी भवन में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस साहित्यिक महोत्सव में जमशेदपुर के साथ-साथ रांची, दुमका, बेगूसराय, भागलपुर और मधुपुर से आए प्रतिष्ठित कवि एवं कवयित्रियों ने अपनी सशक्त रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया। गीत, ग़ज़ल, मुक्तक और काव्य पाठ की शानदार प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को साहित्यिक ऊर्जा से भर दिया।

सरस्वती वंदना से हुआ भव्य शुभारंभ

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार अरविंद विद्रोही ने की, जबकि मंच संचालन डॉ. रोहित अम्बष्ट और डॉ. शोभा किरण ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद डॉ. शोभा किरण ने सरस्वती वंदना का सस्वर पाठ कर पूरे वातावरण को भक्तिमय और साहित्यिक बना दिया।

आयोजन समिति की ओर से सभी आमंत्रित कवियों एवं अतिथियों का अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मान किया गया। स्वागत भाषण में आयोजन समिति ने साहित्य के संरक्षण और नई पीढ़ी को कविता से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

गीत, ग़ज़ल और मुक्तकों ने जीता श्रोताओं का दिल

कवि सम्मेलन में आमंत्रित कवियों ने सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाओं, प्रेम, हास्य, राष्ट्रभक्ति और जीवन दर्शन पर आधारित रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं की जोरदार तालियां और वाहवाही गूंजती रही।

सम्मेलन में वीणा कुमारी, शकुंतला शर्मा, प्रभात कुमारी, साबिर नवादवी, राजदेव सिन्हा, रमेश हंसमुख, सुरेश दत्त पाण्डेय (जमशेदपुर), खगेश चंद्र पोद्दार ‘खग’ (रांची), डॉ. के.के. मंडल (भागलपुर), प्रिय रंजन किशोर प्रसाद (बेगूसराय), विवेकानंद विमल (मधुपुर), डॉ. शोभा किरण (जमशेदपुर) एवं डॉ. रोहित अम्बष्ट (दुमका) ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश

आयोजन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कविता केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम भी है। इस तरह के आयोजन साहित्यिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को हिंदी और भारतीय भाषाओं के साहित्य से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में मसूद खान ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर प्रदीप कुमार सिंह, राजेश भोजपुरिया, मिथिलेश तिवारी, बलविंदर सिंह, विनोद बेगाना, जमुना तिवारी, भूमदेव मंडल, मोहम्मद यूसुफ सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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