जमशेदपुर।
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क, जमशेदपुर के लिए यह क्षण अत्यंत खुशी, गर्व और उत्साह से भरा हुआ है। पार्क की बाघिन मेघना ने दो स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। लंबे समय बाद चिड़ियाघर में बाघ शावकों का जन्म होने से पूरे चिड़ियाघर परिवार और वन्यजीव प्रेमियों में प्रसन्नता का माहौल है।
27 नवंबर को हुआ प्रसव
जानकारी के अनुसार, बाघिन मेघना ने 27 नवंबर 2025 को दिन के समय दो शावकों को जन्म दिया। हालांकि, चिड़ियाघर प्रबंधन द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए और मां व शावकों की सुरक्षा व स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस सुखद समाचार की तत्काल घोषणा नहीं की गई। अब यह स्पष्ट किया गया है कि दोनों शावक पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
पशु चिकित्सकों की कड़ी निगरानी
चिड़ियाघर की अनुभवी पशु चिकित्सा एवं देखभाल टीम द्वारा बाघिन मेघना और उसके दोनों शावकों की लगातार निगरानी की जा रही है। शावकों के स्वास्थ्य, व्यवहार और विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि उन्हें सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिल सके।
मेघना और रुद्र: दोनों हैं वन्य प्रकृति के
उल्लेखनीय है कि बाघिन मेघना और शावकों के पिता रुद्र—दोनों को नागपुर स्थित गोरवाड़ा रेस्क्यू सेंटर से टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क लाया गया था। दोनों ही बाघ पूरी तरह वन्य प्रकृति के हैं, जो इस उपलब्धि को और भी महत्वपूर्ण बनाता है।
सार्वजनिक नामकरण प्रतियोगिता से मिला नाम
मेघना और रुद्र—दोनों के नाम चिड़ियाघर द्वारा आयोजित सार्वजनिक नामकरण प्रतियोगिता के माध्यम से रखे गए थे, जिसमें जमशेदपुर के चिड़ियाघर प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया था। यह पहल चिड़ियाघर और स्थानीय समुदाय के बीच मजबूत जुड़ाव को दर्शाती है।
अब शावकों के नामकरण की तैयारी
समुदाय की सहभागिता की इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क जल्द ही शावकों के लिए एक और सार्वजनिक नामकरण प्रतियोगिता आयोजित करेगा। इस प्रतियोगिता में चयनित नामों के विजेताओं को विधिवत सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा।
वन्यजीव संरक्षण की दिशा में अहम उपलब्धि
लंबे समय बाद बाघ शावकों का जन्म चिड़ियाघर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह उपलब्धि न केवल चिड़ियाघर के सफल प्रबंधन और देखभाल को दर्शाती है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और पशु कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी और अधिक सुदृढ़ करती है।