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Jamshedpur News :टाटानगर स्टेशन पर वीआईपी लेन बंद करने और ट्रेनों की देरी पर आजसू ने जताई कड़ी आपत्ति, उग्र आंदोलन की चेतावनी

जमशेदपुर। टाटानगर रेलवे स्टेशन के बाहर वीआईपी लेन को पूरी तरह बंद किए जाने और टाटानगर आने वाली ट्रेनों के लगातार विलंबित होने के खिलाफ आजसू पार्टी ने रेल प्रशासन को कड़ा संदेश दिया है।सोमवार को आजसू के प्रतिनिधिमंडल ने जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह के नेतृत्व में स्टेशन अधीक्षक को डीआरएम के नाम ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो पार्टी उग्र आंदोलन और अनशन करेगी।

वीआईपी लेन बंद होने से आम जनता और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित: आजसू

ज्ञापन में बताया गया कि स्टेशन परिसर में वीआईपी लेन को स्टील बैरिकेट्स लगाकर पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है।पार्किंग ठेकेदार के नियम अनुसार ड्रॉपिंग लेन में किसी वाहन को 10 मिनट से अधिक रुकने पर 500 रुपये जुर्माना देना पड़ता है। ऐसे में यदि किसी वीआईपी का आगमन हो और उसकी प्रतीक्षा में वाहन ड्रॉपिंग लेन में रुके रहे, तो आम जनता की गाड़ियां पीछे फंसकर अनावश्यक जुर्माने की शिकार होंगी।आजसू ने यह भी कहा कि दिव्यांग वाहन, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी स्टेशन से दूर रोकना पड़ेगा, जो गंभीर स्थिति में जान जोखिम में डाल सकता है।

ट्रेनें चांडिल, चक्रधरपुर और घाटशिला तक समय पर—लेकिन टाटानगर पहुंचने में 3–4 घंटे की देरी

ज्ञापन में यह मुद्दा भी उठाया गया कि अन्य स्टेशनों तक गाड़ियां निर्धारित समय पर पहुंचती हैं, लेकिन टाटानगर पहुंचते-पहुंचते 3 से 4 घंटे तक विलंब हो रहा है, जिससे यात्रियों की परेशानियां बढ़ रही हैं।आजसू ने रेलवे से इस प्रणालीगत देरी को तत्काल दूर करने की मांग की।

स्टेशन अधीक्षक का बयान

स्टेशन अधीक्षक सुनील कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अलावा किसी को वीआईपी श्रेणी में नहीं रखा गया है। ऐसे वीआईपी के लिए निकास द्वार से अलग व्यवस्था होगी।आपातकालीन सेवाओं के लिए फिलहाल स्पष्ट निर्देश नहीं हैं, इस पर विभागीय स्तर पर चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि “जैसा आदेश आएगा, वैसे ही व्यवस्था लागू की जाएगी।”

जनभावना के खिलाफ है डीआरएम की कार्यशैली: सहिस

पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस ने इस मुद्दे को जमशेदपुर के लिए अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि डीआरएम की कार्यशैली जनभावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि आजसू आंदोलन से पहले डीआरएम को स्थिति से अवगत करा रही है, लेकिन जनहित की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तय: कन्हैया सिंह

जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने कहा कि स्टील बैरिकेटिंग से आम नागरिक, वीआईपी आगमन व्यवस्था और आपातकालीन सेवाएं तक बाधित हो रही हैं।दुर्घटना या आपात स्थिति में दिव्यांग, मरीज या किसी भी जरूरतमंद तक तत्काल सहायता पहुंचाना संभव नहीं होगा।उन्होंने चेतावनी दी कि“यदि रेलवे प्रबंधन इन मुद्दों पर जल्द निर्णय नहीं करता, तो आजसू उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।”

ज्ञापन में शामिल प्रतिनिधि

ज्ञापन सौंपने वालों में कमलेश दुबे, संजय सिंह, अप्पू तिवारी, प्रकाश विश्वकर्मा, कृतिवास मंडल, धीरज यादव, बबलू करुआ, मनोज महतो, ललन झा, मृत्युंजय सिंह, ललित सिंह, सुधीर सिंह, अरूप मल्लिक, कमलेश सिंह, सौरभ राहुल सिंह, मुन्ना यादव, संजय प्रसाद समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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