
जमशेदपुर।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने जमशेदपुर के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में पुलिस और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि पुलिस मामले को मूल मुद्दों से भटकाने और निर्दोष लोगों को फंसाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड में किसी भी बड़ी घटना के बाद पुलिस द्वारा मामले को दूसरी दिशा में मोड़ने की प्रवृत्ति लगातार देखने को मिल रही है।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए आदित्य साहू ने कहा कि जमशेदपुर के मामले में भी पुलिस मनगढ़ंत कहानी गढ़कर केस को दबाने और वास्तविक तथ्यों से ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से इस प्रकार की कार्रवाई से बचने की अपील की।
“जिस दिन घटना हुई, उस दिन नीरज सिंह प्रतिष्ठान में मौजूद नहीं थे”
आदित्य साहू ने कहा कि जिस व्यापारी नीरज सिंह का नाम इस मामले में सामने लाया जा रहा है, वह घटना वाले दिन अपने प्रतिष्ठान में मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि संबंधित बार का संचालन लंबे समय से वैध तरीके से किया जा रहा है और उसके लिए सरकार द्वारा विधिवत लाइसेंस जारी किया गया है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि संबंधित प्रतिष्ठान अवैध रूप से संचालित हो रहा था, तो पुलिस-प्रशासन और संबंधित विभाग ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने पूछा कि यदि लाइसेंस में कोई अनियमितता थी, तो उसे पहले निरस्त क्यों नहीं किया गया।
“हत्या पुलिस की मौजूदगी में हुई, फिर केस को दूसरी दिशा क्यों दी जा रही?”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह सर्वविदित है कि हिमांशु सिंह की हत्या सार्वजनिक स्थल पर पुलिस की मौजूदगी में हुई थी। ऐसे में घटना को दूसरी दिशा देने और नए कथानक गढ़ने का प्रयास कई सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि जब पीड़ित युवक अपनी जान बचाने के लिए पुलिस वाहन तक पहुंच गया था और उसके बावजूद अपराधियों ने उसे पुलिस की मौजूदगी में बाहर निकालकर हमला किया, तो इस पूरे घटनाक्रम की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
दोषी पुलिसकर्मियों पर भी दर्ज हो मुकदमा : आदित्य साहू
आदित्य साहू ने मांग की कि इस मामले में शामिल अपराधियों के साथ-साथ घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नीरज सिंह का नाम यदि तथ्यों के अनुरूप नहीं है, तो उसे तत्काल हटाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि “गलती कोई करे और सजा किसी अन्य को मिले, यह न्याय व्यवस्था के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।”
“परिवार को प्रताड़ित किए जाने के आरोप गंभीर”
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि नीरज सिंह के परिवार को भी पुलिस कार्रवाई के दौरान परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ है, तो यह बेहद गंभीर विषय है और इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि का समर्थन नहीं करती, लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय या अत्याचार भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
“जमशेदपुर की घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए”
आदित्य साहू ने कहा कि जमशेदपुर की यह घटना राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। उन्होंने कहा कि एक युवक की पुलिस की मौजूदगी में हत्या हो जाना और दूसरे युवक का गंभीर हालत में जीवन के लिए संघर्ष करना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है।
प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता अजय साह, शोभा यादव और संदीप वर्मा भी उपस्थित रहे।
