झारग्राम। पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद आज बिनपुर (झारग्राम) पहुंचे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन के स्वागत में आदिवासी समाज के हजारों लोग जुटे। पूर्व सीएम यहां भारत जकात मांझी परगना महाल द्वारा आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने आए थे।
यहाँ पहुंचने पर चम्पाई सोरेन का स्वागत बिनपुर के नवनिवार्चित भाजपा विधायक डॉ. प्रणत टुडू एवं मांझी परगना महाल के सदस्यों ने किया। अपने संबोधन में चम्पाई सोरेन ने आदिवासियों को एकजुट होकर समाज एवं संस्कृति की रक्षा के लिए जुट जाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने कई दशकों के उत्पीड़न को दरकिनार करते हुए अपने समाज एवं परंपराओं को बचाने की राह चुनी। उन्होंने जंगलमहल की 40 में से 38 सीटें तथा बंगाल की एसटी आरक्षित सभी 16 सीटें भाजपा की झोली में डालने के लिए जनता को धन्यवाद दिया।
उपस्थित जनसमूह को आश्वस्त करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि जंगलमहल क्षेत्र के सभी भाजपा विधायक जनता की सेवा में सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होंने आदिवासी समाज की रूढ़िजन्य परम्पराओं को बचाने तथा अपने गौरवशाली इतिहास एवं महापुरुषों (वीर सिदो-कान्हू, बाबा तिलका मांझी, वीरांगना फूलो-झानो आदि) के बारे में अगली पीढ़ी को बताने की आवश्यकता पर जोर दिया।
चम्पाई सोरेन ने कहा कि बंगाल की जनता ने इन चुनावों में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व को चुन कर नया इतिहास रच दिया है। अब बंगाल विकास के पथ पर सरपट दौड़ेगा। बांग्लादेशी घुसपैठियों के भागने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में चल रही भाजपा सरकार ने सेना को सीमावर्ती इलाकों की जमीनें उपलब्ध करवा दी हैं, जिन पर बाड़ लगने के बाद घुसपैठ बहुत मुश्किल हो जाएगी।
इस मौके पर बिनपुर के विधायक डॉ. प्रणत टुडू ने कहा – “झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हम सभी के अभिभावक चम्पाई सोरेन जी का बंगाल चुनावों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनका मार्गदर्शन समाज के लिए काफी महत्वपूर्ण है, तथा हम सबको उनके दिखाए राह पर चल कर आदिवासी संस्कृति के संवर्धन में लग जाना चाहिए।”
ज्ञात हो कि हाल में ही संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान पूर्व सीएम चम्पाई सोरेन को आदिवासी बहुल जंगलमहल क्षेत्र का जिम्मा मिला था। यहां की 95% सीटों के साथ भाजपा ने कुल 207 सीटें जीत कर पहली बार राज्य में अपनी सरकार बनाई है।