
जमशेदपुर: झारखंड विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के महामंत्री विश्वंभर यादव ने 28 अप्रैल 2026 को जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की कुलपति से मुलाकात कर कर्मचारियों से जुड़े अहम मुद्दों को उठाया। इस दौरान उन्होंने एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन में हो रही देरी और आउटसोर्सिंग कर्मियों के लंबित वेतन का मामला प्रमुखता से रखा।
पेंशन भुगतान में अनियमितता पर गंभीर सवाल
महासंघ ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन ही उनकी आजीविका का मुख्य सहारा है। इसके बावजूद पेंशन का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है। इस अनियमितता के कारण बुजुर्ग कर्मचारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
विश्वंभर यादव ने मांग की कि पेंशन भुगतान को नियमित किया जाए और इसे कार्यरत कर्मचारियों के वेतन की तरह हर महीने एक तय तिथि पर जारी किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
आउटसोर्सिंग कर्मियों का 4 महीने का वेतन लंबित
महासंघ ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से काम कर रहे कर्मचारियों की समस्याओं को भी जोरदार तरीके से उठाया। बताया गया कि जुलाई से अक्टूबर 2025 तक का लगभग चार महीने का वेतन अब तक नहीं दिया गया है।
इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए महासंघ ने कहा कि ये कर्मचारी पहले से ही सीमित आय में काम करते हैं और वेतन में देरी उनके जीवन पर सीधा असर डाल रही है। महासंघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द से जल्द बकाया वेतन जारी करने की मांग की।
कुलपति से समाधान की उम्मीद
मुलाकात के दौरान महासंघ ने कुलपति को पदभार संभालने पर शुभकामनाएँ दीं और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता देगा।
महासंघ ने कुलपति से आग्रह किया कि वे इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करें और पेंशन व वेतन भुगतान की एक नियमित और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करें। इससे कर्मचारियों का भरोसा बढ़ेगा और संस्थान का कार्य वातावरण भी बेहतर होगा।
कर्मचारियों के हित में जल्द कार्रवाई की मांग
महासंघ का कहना है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कर्मचारियों में असंतोष बढ़ सकता है। इसलिए प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।
