
जमशेदपुर: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DALSA) जमशेदपुर के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी की उपस्थिति में और मध्यस्थ विशेषज्ञ शशि तिवारी की पहल से वर्षों से अलग रह रहे एक दंपति का मेडिएशन सेंटर में सफल मध्यस्थता के बाद पुनर्मिलन हो गया। मामला माननीय कोर्ट, JMFC VII धर्मेंद्र कुमार द्वारा मध्यस्थता के लिए शशि तिवारी के पास भेजा गया था। दंपति के दो बेटे हैं और विभाजन की वजह से परिवार पर लंबे समय से दबाव था; पत्नी द्वारा दायर अर्जी के बाद यह मामला पुनर्विचार के दायरे में आया।
मध्यस्थता की प्रक्रिया और योगदान
मामले की मध्यस्थता में कई दौर की बातचीत हुई, जिसमें दंपति, मध्यस्थ शशि तिवारी, और उनके अधिवक्ता की सकारात्मक भूमिका निर्णायक रही। मुख्य वकील संगीता झा ने भी समाधान के प्रयासों में सक्रिय योगदान दिया। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की चिंताओं और अपेक्षाओं को साझा किया और समझौते पर पहुँचने के लिए आपसी सहयोग किया। DALSA सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने मध्यस्थता की प्रक्रिया का supervisory समर्थन दिया और समझौते के आदान-प्रदान के समय उपस्थित रहे।
परिणाम और सामाजिक प्रभाव
मध्यस्थता सफल रही और पति-पत्नी ने आपसी मनमुटाव भुलाकर साथ रहने का संकल्प लिया। इससे उनके दोनों बेटे भी खुश हुए और परिवार में शांति लौटने की उम्मीद जगी। DALSA सचिव ने जोड़े को भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं और कहा कि वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) से पारिवारिक मामलों में समय पर और अनावश्यक कोर्ट-कचहरी से बचकर स्थायी समाधान निकलते हैं। इस मामले ने स्थानीय समुदाय में मेडिएशन के सकारात्मक प्रभाव और पारिवारिक कल्याण के लिये मध्यस्थता के महत्व को दर्शाया है।
