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JAMSHEDPUR NEWS: डीसी राजीव रंजन ने की सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस व कस्तूरबा विद्यालयों की बड़ी समीक्षा, बोले- ‘बोर्ड परीक्षाओं में और बेहतर हों परिणाम’

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में संचालित ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ (CM School of Excellence) और ‘कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों’ (KGBV) में शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे को और अधिक मजबूत किया जाएगा। समाहरणालय सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उपायुक्त राजीव रंजन ने विद्यालयों के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों तथा वहां उपलब्ध आधारभूत संरचना की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को हर हाल में उत्कृष्ट और प्रतिस्पर्धी माहौल मिलना चाहिए।

कमजोर छात्रों के लिए चलेंगी ‘रेमेडियल क्लासेस’

बैठक के दौरान उपायुक्त ने पिछले शैक्षणिक सत्र के बोर्ड परिणामों का बारीकी से विश्लेषण किया। आगामी परीक्षाओं में शत-प्रतिशत और गुणवत्तापूर्ण रिजल्ट सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने अभी से कमर कसने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि पढ़ाई में कमजोर और पिछड़ रहे विद्यार्थियों की समय रहते पहचान की जाए और उनके लिए नियमित ‘रेमेडियल क्लास’ (उपचारात्मक कक्षाएं) चलाई जाएं, ताकि उनके भी शैक्षणिक स्तर में सुधार लाया जा सके।

रिक्त सीटों पर शीघ्र पूर्ण हो नामांकन प्रक्रिया

उपायुक्त ने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस और केजीबीवी में खाली पड़ी सीटों के आंकड़ों पर नाराजगी जताते हुए सभी पात्र और मेधावी छात्र-छात्राओं का शीघ्र नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर फ्री और हाई-क्लास शिक्षा देना है; इसलिए प्राथमिकता के आधार पर खाली सीटों को भरा जाए ताकि कोई भी योग्य बच्चा इस अवसर से वंचित न रहे।

निजी स्कूलों के शिक्षकों के साथ होगी ‘नॉलेज शेयरिंग वर्कशॉप’

सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए बैठक में एक अनूठा फैसला लिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि शहर के प्रतिष्ठित और अनुभवी निजी (प्राइवेट) अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के शिक्षकों तथा सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस व केजीबीवी के शिक्षकों के बीच एक संयुक्त कार्यशाला (वर्कशॉप) का आयोजन किया जाए। इस ‘नॉलेज और एक्सपीरियंस शेयरिंग’ से सरकारी शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और बच्चों को और भी शानदार शैक्षणिक माहौल मिलेगा।

बुनियादी कमियां तुरंत होंगी दूर, ये अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा के क्रम में स्कूलों की बिल्डिंग, स्मार्ट क्लास, लैब, लाइब्रेरी और पेयजल व स्वच्छता जैसी सुविधाओं की भी जानकारी ली गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी आधारभूत संरचना की कमी है, उसे अविलंब दूर किया जाए। बैठक में एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष पांडेय के साथ-साथ संबंधित विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक और वार्डन उपस्थित रहे।

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