
जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मलेरिया नियंत्रण, डेंगू-चिकनगुनिया से बचाव, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, कुपोषण प्रबंधन, डायलिसिस सेवा, प्रोजेक्ट उल्लास सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को जन शिकायतों के त्वरित निष्पादन और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
4 दिनों में 1 लाख लोगों की मलेरिया जांच का लक्ष्य
बैठक में पोटका, डुमरिया, मुसाबनी और घाटशिला क्षेत्र में बढ़ते मलेरिया संक्रमण को देखते हुए सभी चिकित्सा पदाधिकारियों (MOIC) को जांच अभियान तेज करने का निर्देश दिया गया। अब तक जिले के सभी 11 प्रखंडों में लगभग 40 हजार लोगों की मलेरिया जांच की जा चुकी है। उपायुक्त ने अगले चार दिनों के भीतर एक लाख लोगों की जांच सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया।
बरसात में डेंगू और चिकनगुनिया के खिलाफ जागरूकता अभियान
मानसून के मौसम को देखते हुए उपायुक्त ने पूरे जिले में डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को साफ-सफाई, जलजमाव रोकने और समय पर जांच कराने के प्रति जागरूक किया जाए।
टीकाकरण और संस्थागत प्रसव के डाटा में लापरवाही पर सभी BPM को शो-कॉज
टीकाकरण और संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान डाटा अपडेट नहीं होने और रिकॉर्ड में लापरवाही पाए जाने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने सिविल सर्जन को सभी ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM) को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
साथ ही जून माह में दर्ज पांच होम डिलीवरी को अगले महीने शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि सभी प्रसव संस्थागत हों। इसके लिए दूरदराज के गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में जानकारी दी जाए।
कुपोषित बच्चों की पहचान और उपचार पर जोर
कुपोषण प्रबंधन एवं माल न्यूट्रिशन ट्रीटमेंट सेंटर (MTC) की समीक्षा में बहरागोड़ा, घाटशिला, मुसाबनी और पोटका स्थित केंद्रों में बेड ऑक्यूपेंसी केवल 70 से 80 प्रतिशत पाई गई। उपायुक्त ने सभी कुपोषित बच्चों की शत-प्रतिशत पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ने तथा एमटीसी में बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने के निर्देश दिए।
डायलिसिस, टीबी और कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की भी समीक्षा
बैठक में सदर अस्पताल और घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में संचालित डायलिसिस सेवाओं की निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा टीबी उन्मूलन, कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, एनीमिया मुक्त भारत अभियान और प्रोजेक्ट उल्लास की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने विशेष रूप से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में स्क्रीनिंग, जांच और उपचार सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, एमजीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा, डॉ. रंजीत पांडा, डॉ. मृत्युंजय धावड़िया, सभी एमओआईसी, डीपीसी, डीडीएम, बीपीएम तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
Meta Description: JAMSHEDPUR NEWS: उपायुक्त राजीव रंजन ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में 4 दिन में 1 लाख मलेरिया जांच का लक्ष्य दिया। डेंगू-चिकनगुनिया जागरूकता अभियान, टीकाकरण और संस्थागत प्रसव के डाटा में लापरवाही पर सभी BPM को शो-कॉज जारी करने के निर्देश।
