Site icon Lahar Chakra

Jamshedpur News :जिला प्रशासन की पहल से 5 बच्चों को मिला नया जीवन, जन्मजात हृदय रोग का हुआ मुफ्त सफल ऑपरेशन

जमशेदपुर।

जिला प्रशासन की सराहनीय पहल से जन्मजात हृदय रोग (कंजेनाइटल हार्ट डिजीज) से जूझ रहे पांच बच्चों को नया जीवन मिला है। इन बच्चों का सफलतापूर्वक ऑपरेशन कराकर उन्हें पूरी तरह स्वस्थ किया गया, जिसके बाद वे सुरक्षित अपने घर लौट आए। यह पहल न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ी राहत भी साबित हुई है।

 स्वस्थ होकर लौटे बच्चे, हुआ भव्य स्वागत

इलाज के बाद घर लौटे बच्चों—ओमश्री (धालभूमगढ़), लतिका (पोटका), महेश्वर बास्के (धालभूमगढ़), संतोषी मुर्मू (बोड़ाम) और प्रेमवती सरदार (पोटका)—का सिविल सर्जन कार्यालय में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की कामना की।

 देश के बड़े चिकित्सा केंद्रों में हुआ इलाज

इन बच्चों को बेहतर इलाज के लिए देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में भेजा गया था। एक बच्चे का इलाज खारघर (नवी मुंबई) स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी सेंटर फॉर चाइल्ड हार्ट केयर में किया गया, जबकि चार बच्चों का ऑपरेशन कोंडापाका (हैदराबाद) केंद्र में हुआ। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा सभी बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन और संपूर्ण उपचार किया गया।

 राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की अहम भूमिका

बच्चों की पहचान और स्क्रीनिंग राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीम द्वारा की गई थी। इसके बाद डीईआईसी (जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र), सदर अस्पताल की टीम ने समन्वय स्थापित कर बच्चों को इलाज के लिए रेफर किया। यह समन्वित प्रयास ही इस सफलता का मुख्य आधार रहा।

 सरकार की योजना से मिला मुफ्त इलाज

सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चयनित संस्थानों—मुंबई, हैदराबाद और रायपुर—में बच्चों के लिए नि:शुल्क जांच, ऑपरेशन और आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि बच्चों में हृदय रोग से जुड़े लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें ताकि समय पर इलाज संभव हो सके।

 अभिभावकों ने जताया आभार

बच्चों के अभिभावकों ने उपायुक्त, सिविल सर्जन और पूरी स्वास्थ्य टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस पहल को गरीब परिवारों के लिए जीवनदायिनी बताते हुए इसे बेहद सराहनीय कदम बताया।

 टीम वर्क से मिली सफलता

इस मौके पर कई वरिष्ठ डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे, जिनमें उपाधीक्षक डॉ. कमलेश कुमार प्रसाद, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राज नारायण तिवारी सहित अन्य चिकित्सक और स्वास्थ्यक

Exit mobile version