जमशेदपुर: भारत के संविधान निर्माता और भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के बिष्टुपुर प्रांगण में एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. इला कुमार के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं और शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और बाबासाहेब के महान आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के बीच समानता, मानवाधिकार और सामाजिक न्याय के प्रति गहरी समझ और जागरूकता विकसित करना था।
रचनात्मक प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
अंबेडकर जयंती को खास बनाने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में कई रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसके तहत छात्राओं के लिए कोलाज मेकिंग, स्वरचित कविता पाठ और क्विज (प्रश्नोत्तरी) प्रतियोगिता का शानदार आयोजन हुआ। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्राओं ने डॉ. अंबेडकर के जीवन, उनके संघर्षों और उनके विचारों को अपनी कला और ज्ञान के जरिए बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया। एम.एड. की होनहार छात्रा सुचिता दास ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित एक अत्यंत मार्मिक और प्रभावशाली स्वरचित कविता की प्रस्तुति दी, जिसने सभागार में मौजूद सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शिक्षा ही है सामाजिक परिवर्तन का मुख्य साधन: डॉ. अभय कांत
कार्यक्रम के समापन समारोह की शुरुआत विधिवत रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई। राजनीति शास्त्र विभाग की अध्यक्षा डॉ. सोनाली सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और विषय प्रवेश कराते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
मुख्य वक्ता के रूप में राजनीति विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. अभय कांत ने अपने प्रभावशाली संबोधन में डॉ. अंबेडकर के विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अंबेडकर ने आजीवन समानता, न्याय और मानवाधिकारों के लिए कड़ा संघर्ष किया और समाज में व्याप्त हर प्रकार के भेदभाव तथा असमानता को जड़ से समाप्त करने का अथक प्रयास किया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं एवं समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि “शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन का सबसे मजबूत और प्रमुख साधन है।” उन्होंने उपस्थित छात्राओं से आह्वान किया कि वे बाबासाहेब के आदर्शों को अपनाकर एक समतामूलक समाज के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।
विजेताओं को मिला सम्मान, इन गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली सभी विजेता छात्राओं को मानविकी संकायाध्यक्ष द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
पूरे कार्यक्रम का बेहतरीन एवं सुचारू मंच संचालन योग विभाग के शिक्षक रवि नेवार ने किया, जबकि कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. माधुरी प्रियदर्शी द्वारा किया गया। इस भव्य और सफल आयोजन में मुख्य रूप से डॉ. मनीषा टाइटस, डॉ. पुष्पा कुमारी, डॉ. रिजवाना परवीन, डॉ. अमृता कुमारी, डॉ. नूपुर अन्विता मिंज, डॉ. पल्लवी झा, डॉ. सोनी, डॉ. अनुराधा झा, डॉ. अपर्णा कार, और लक्ष्मी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित थीं।
