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JAMSHEDPUR NEWS: विश्व आदिवासी दिवस पर बिरसा मुंडा टाउन हॉल में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, 20 करोड़ से अधिक की परिसंपत्ति वितरण और प्रतिभाओं का सम्मान

जमशेदपुर। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सिदगोड़ा स्थित बिरसा मुंडा टाउन हॉल में जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, सम्मान समारोह सह परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान, जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब, उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, नगर आयुक्त जेएनएसी, एडीसी, निदेशक एनईपी सहित जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। आयोजन के दौरान भगवान बिरसा मुंडा और स्मृति शेष दिशोम गुरू शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत, वीरता और प्रकृति संरक्षण की परंपरा को सम्मान दिया गया।

भगवान बिरसा मुंडा और दिशोम गुरू शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बिरसा मुंडा एवं स्मृति शेष दिशोम गुरू शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, इतिहास, परंपरा और प्रकृति के साथ उनके गहरे संबंध को विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

उपायुक्त ने शिक्षा, कौशल विकास और सांस्कृतिक संरक्षण पर दिया जोर

उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समाज की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक योगदान और राज्य के क्रांतिकारियों के संघर्ष को स्मरण करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन के संरक्षण, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से युवाओं को जोड़ना समय की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने आदिवासी भाषा, कला और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पर भी बल दिया।

एसएसपी ने युवाओं को नशामुक्ति और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया

वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब ने युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं को संजोते हुए शिक्षा तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में युवाओं की सकारात्मक भागीदारी और नशामुक्ति जैसे सामाजिक अभियानों के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

बिरसा मुंडा के जीवन पर नाटक और छऊ-पाईका नृत्य ने बांधा समां

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और संघर्ष पर आधारित नाटक, पाईका नृत्य और छऊ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां रहीं। इसके साथ ही झारखंड की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत तथा राज्य के महान क्रांतिकारियों के जीवन दर्शन को समर्पित फोटो गैलरी भी आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बनी।

20 करोड़ से अधिक की परिसंपत्ति वितरण और प्रतिभाओं का सम्मान

कार्यक्रम में खेल, साहित्य, फिल्म निर्माण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले महानुभावों को सम्मानित किया गया। साथ ही मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मान प्रदान किया गया।

विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत 20 करोड़ रुपये से अधिक की परिसंपत्ति और लाभ वितरित किए गए। इनमें छात्रवृत्ति, साइकिल, सामुदायिक एवं व्यक्तिगत वनपट्टा, सर्वजन पेंशन स्वीकृति पत्र, श्रवण यंत्र, समावेशी आजीविका योजना के तहत अनुदान राशि, सामुदायिक निवेश निधि और सोलर पंप जैसी योजनाएं शामिल रहीं।

पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी विरासत का संदेश

कार्यक्रम के अंत में आगंतुकों के बीच पौधारोपण अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। साथ ही तिलका मांझी, सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो, बुधु भगत और नीलांबर-पीतांबर सहित झारखंड के सभी वीर सपूतों के योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों और संघर्ष की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।


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