
जमशेदपुर: मारवाड़ी समाज के प्रमुख लोक पर्व गणगौर को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। साकची शाखा द्वारा इस वर्ष भी गणगौर महोत्सव को भव्य रूप से मनाने की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। आगामी शनिवार, 21 मार्च 2026 को शाम 4 बजे साकची स्थित स्वर्णरेखा नदी घाट पर सामूहिक गणगौर विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
गणगौर पर्व का महत्व
गणगौर पर्व मारवाड़ी समाज का एक प्रमुख और पारंपरिक त्योहार है, जिसे विशेष रूप से महिलाएं बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाती हैं। यह पर्व माता पार्वती और भगवान शिव को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से सुहागन महिलाओं को अखंड सौभाग्य और कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर प्राप्त होता है।
16 दिनों तक चलता है पर्व
गणगौर उत्सव की शुरुआत होली के दूसरे दिन से होती है और यह पूरे 16 दिनों तक चलता है। इस दौरान महिलाएं रोजाना पूजा करती हैं और अंत में विसर्जन के साथ यह पर्व संपन्न होता है। विसर्जन के दिन विशेष पूजा, गीत-संगीत और पारंपरिक नृत्य का आयोजन होता है।
2000 से अधिक महिलाएं होंगी शामिल
मारवाड़ी सम्मेलन के अनुसार इस बार कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से 2000 से अधिक महिलाएं भाग लेंगी। सभी महिलाएं पारंपरिक राजस्थानी परिधान में सज-धज कर आएंगी, जिससे कार्यक्रम का सांस्कृतिक आकर्षण और बढ़ जाएगा।
नृत्य-संगीत और पारंपरिक रीति-रिवाज
कार्यक्रम के दौरान महिलाएं अपने-अपने गणगौर और जवारा को लेकर घाट तक पहुंचेंगी। वहां सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की जाएगी और फिर नाच-गाकर, लोकगीतों के साथ हर्षोल्लास में विसर्जन किया जाएगा।
बेटियों और बहुओं का होगा सम्मान
इस अवसर पर साकची शाखा द्वारा समाज की विवाहित बेटियों और बहुओं को उपहार देकर सम्मानित भी किया जाएगा। यह परंपरा सामाजिक एकता और सम्मान को बढ़ावा देती है।
आयोजन में जुटे कई सदस्य
गणगौर महोत्सव को सफल बनाने के लिए संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इनमें अध्यक्ष बजरंगलाल अग्रवाल, सचिव बबलु अग्रवाल, कोषाध्यक्ष सन्नी संघी सहित कई अन्य प्रमुख सदस्य शामिल हैं।
