
जमशेदपुर।
जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र के औद्योगिक और खनन क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों के लिए सिलिकोसिस एक गंभीर और जानलेवा बीमारी रही है। इस खतरनाक बीमारी से ग्रसित मरीजों और इस बीमारी के कारण अपनी जान गंवा चुके मृतकों के आश्रितों को सरकारी सहायता और मुआवजा प्रदान करने की दिशा में पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहा है। इसी कड़ी में जमशेदपुर के साकची स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MGM Medical College Hospital) प्रबंधन ने सिलिकोसिस पीड़ितों की स्वास्थ्य जांच और प्रमाणन के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। मेडिकल बोर्ड की बैठक, जो पहले किसी कारणवश स्थगित हो गई थी, अब उसकी नई तिथि की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।
MGM अस्पताल में 28 मई को दोपहर 1 बजे होगी जांच
एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सिलिकोसिस बीमारी से प्रभावित व्यक्तियों और इस बीमारी से जान गंवाने वाले मजदूरों के वैध आश्रितों की जांच के लिए गठित विशेष मेडिकल बोर्ड की बैठक की तिथि पुनर्निर्धारित की गई है। अब यह अति-महत्वपूर्ण मेडिकल बोर्ड दिनांक 28 मई 2026 (गुरुवार) को दोपहर 01:00 बजे से एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जमशेदपुर के परिसर में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मरीजों की वर्तमान स्थिति का आकलन करेगी और मृतकों के आश्रितों के दावों की जांच करेगी।
6 मई को पीड़ितों की अनुपस्थिति के कारण टल गई थी प्रक्रिया
अस्पताल अधीक्षक द्वारा दी गई विस्तृत जानकारी के अनुसार, इस मेडिकल बोर्ड की बैठक पूर्व में 06 मई 2026 को निर्धारित की गई थी। उस दिन अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की टीम पूरी तरह से तैयार थी, लेकिन दुर्भाग्यवश संबंधित सिलिकोसिस पीड़ित और मृतकों के आश्रित समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सके। मरीजों और आश्रितों की अनुपस्थिति के कारण उस दिन जांच की कार्रवाई को संपन्न नहीं किया जा सका और मेडिकल बोर्ड को स्थगित करना पड़ा। अब प्रशासन ने सभी संबंधित लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 28 मई की नई तारीख तय की है।
मुआवजा और सरकारी सहायता के लिए मेडिकल बोर्ड है अनिवार्य
गौरतलब है कि झारखंड सरकार द्वारा सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मजदूरों के इलाज और उनके निधन के बाद उनके परिवारों के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहायता और मुआवजा राशि का प्रावधान किया गया है। लेकिन, इस सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए मरीजों और आश्रितों का मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होना और वहां से जांच उपरांत प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होता है। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही जिला प्रशासन आगे की कागजी कार्रवाई पूरी करता है और पीड़ितों के बैंक खातों में सहायता राशि हस्तांतरित की जाती है।
सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचने की सख्त अपील
जिला प्रशासन और एमजीएम अस्पताल प्रबंधन ने सभी संबंधित सिलिकोसिस प्रभावित व्यक्तियों और मृतक के आश्रितों से विशेष अपील की है कि वे इस बार निर्धारित तिथि (28 मई 2026) और तय समय (दोपहर 1:00 बजे) पर अनिवार्य रूप से अस्पताल में उपस्थित हों। जांच प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आने वाले सभी लोगों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने साथ अपनी पुरानी मेडिकल जांच की रिपोर्ट, एक्स-रे, आधार कार्ड, मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र, आश्रित प्रमाण पत्र और बैंक पासबुक जैसे सभी आवश्यक मूल अभिलेख (दस्तावेज) और उनकी फोटोकॉपी जरूर साथ लाएं ताकि जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
