
जमशेदपुर।
देशभर में चल रही राष्ट्रीय जनगणना-2027 की कवायद के तहत जमशेदपुर में भी प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। निर्धारित मकान सूचीकरण (House Listing) एवं मकान गणना कार्यक्रम के अंतर्गत अधिसूचित प्रगणक (Enumerators) और सुपरवाइजर की टीम ने जिला दण्डधिकारी और उपायुक्त राजीव रंजन के सरकारी आवास पर पहुंचकर इस महत्वपूर्ण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान डिजिटल माध्यम और स्वगणना (Self Enumeration) आईडी की मदद से जनगणना संबंधी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
उपायुक्त राजीव रंजन ने दर्ज कराया अपना विवरण, आंकड़ों का हुआ सत्यापन
विशेष अभियान के तहत प्रगणकों द्वारा उपायुक्त राजीव रंजन से जनगणना कार्य के लिए आवश्यक और निर्धारित विवरणों का संकलन किया गया। इसके बाद तय गाइडलाइंस और प्रक्रियाओं के अनुरूप सभी आंकड़ों का डिजिटल सत्यापन (Data Verification) भी मौके पर ही किया गया। प्रशासन की ओर से इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाया जा सके।
उपायुक्त ने की अपील: विकास योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े हैं जरूरी
जनगणना कार्य पूरा होने के बाद उपायुक्त राजीव रंजन ने जिले के सभी नागरिकों से इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा:
“सभी नागरिक जनगणना कार्य के दौरान प्रगणकों को बिल्कुल सही, पूर्ण और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं। आंकड़ों में किसी भी तरह की विसंगति नहीं होनी चाहिए, ताकि जनगणना का अंतिम डेटा सटीक और पूरी तरह से विश्वसनीय हो सके।”
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि जनगणना के ये आंकड़े भविष्य में सरकारी और जनकल्याणकारी विकास योजनाओं के निर्माण, बजट आवंटन और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डिजिटल माध्यमों से हो रही है निगरानी
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस बार की जनगणना में तकनीकी और डिजिटल माध्यमों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है। सुपरवाइजरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए अलग-अलग टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं ताकि निर्धारित समयावधि के भीतर जिले के हर मकान और परिवार को इस सूचीकरण में शामिल किया जा सके।
