जमशेदपुर। शहर की धार्मिक संस्था श्री जीण माता परिवार जमशेदपुर की ओर से मंगलवार को साकची स्थित श्री अग्रसेन भवन में जीण माता का सिंघारा एवं झूलन उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सावन और तीज के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्ति गीतों और पारंपरिक भजनों पर महिलाएं जमकर झूमीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य यजमान पाना देवी-नथमल शर्मा और पिंकी-जगदीश खेमका ने पूजा-अर्चना एवं ज्योत प्रज्ज्वलित कर किया। पूजा-अर्चना पंडित अमित शर्मा ने विधिवत संपन्न कराई।
सावन-तीज के भजनों पर झूमे श्रद्धालु
कार्यक्रम में कोलकाता से पहुंचे प्रसिद्ध भजन गायक नीरज अग्रवाल और स्थानीय कलाकार मोनू शर्मा ने भक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। गणेश वंदना ‘म्हारा प्यारा रे गजानन आईज्यो…’ से भजन संध्या की शुरुआत हुई।
इसके बाद सावन और तीज के पारंपरिक भजनों की प्रस्तुति ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। ‘हिंडो तो गालयो…’, ‘भक्तों ने झूला डाला…’, ‘मइया जी सावन आयो…’, ‘मेंहदी मंडवा ले मईया…’ और ‘मइया जी थारा झूला शतरंगी…’ जैसे भजनों पर महिलाओं ने उत्साह के साथ नृत्य किया।
‘करस्यां सिंधारा थारा मावड़ी…’, ‘सावन का महीना पवन करे शोर…’, ‘कोई देवता नहीं है भोलेनाथ की तरह…’ और ‘सलासार में एक ऐसा सरदार हैं…’ जैसे भक्ति गीतों ने भी श्रद्धालुओं को खूब आकर्षित किया। मंगल पाठ के दौरान माता की महिमा के भावपूर्ण गायन से पूरा अग्रसेन भवन भक्तिरस से सराबोर रहा।
भव्य श्रृंगार और झूलन उत्सव रहा आकर्षण
जीण माता का भव्य श्रृंगार, ज्योत, झूलन उत्सव, भजनों पर महिलाओं का नृत्य, भजनों की अंताक्षरी, हाउजी (तंबोला), महिलाओं की मेहंदी और छप्पन भोग प्रसाद कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे।
महिलाओं के लिए भजनों की हाउजी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। माता रानी की बेटियां ग्रुप और गोरिया वाली जीण माता ग्रुप की महिलाओं ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
आयोजन में समाज के कई गणमान्य लोगों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। धार्मिक आयोजन के दौरान पूरा अग्रसेन भवन भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।
आयोजन को सफल बनाने में इनका रहा योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में शंभू खन्ना, बजरंग लाल अग्रवाल, तुलसी खेमका, बिनोद खन्ना, सुनील देबुका, शंकर लाल अग्रवाल, मनीष खन्ना, अनंत अग्रवाल समेत जीण माता परिवार के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।