जमशेदपुर। झारखंड के दिव्यांग खिलाड़ियों ने पहली बार सेंट्रल ज़ोन सी.पी. फुटबॉल एवं एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। अटल बिहारी वाजपेयी दिव्यांग खेल प्रशिक्षण केंद्र (ABVTCDS), ग्वालियर में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में झारखंड टीम ने फुटबॉल में रजत पदक और एथलेटिक्स में स्वर्ण एवं रजत सहित कई पदक जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। यह प्रतियोगिता 8 और 9 अगस्त 2026 को आयोजित की गई थी और झारखंड टीम के प्रदर्शन ने राज्य के खेल जगत तथा दिव्यांग समुदाय में उत्साह का माहौल बना दिया है।
पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज कराई मजबूत उपस्थिति
चैंपियनशिप में झारखंड से 12 खिलाड़ी और 2 कोच/टीम अधिकारी शामिल हुए। टीम का नेतृत्व राजकुमार सिंह (मैनेजर/कोच, जमशेदपुर) और जे. बेहरा (कोच, जमशेदपुर) ने किया। खिलाड़ियों में जमशेदपुर, धनबाद, रांची, देवघर और अन्य जिलों के प्रतिभाशाली दिव्यांग खिलाड़ी शामिल थे, जिन्होंने विभिन्न स्पर्धाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
फुटबॉल में झारखंड ने जीता रजत पदक
झारखंड की सी.पी. फुटबॉल टीम ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में प्रवेश किया। खिताबी मुकाबले में मेजबान मध्य प्रदेश की टीम ने झारखंड को 3-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि झारखंड को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। पहली बार इस स्तर की प्रतियोगिता में फाइनल तक पहुंचना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
एथलेटिक्स में भी झारखंड खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
एथलेटिक्स स्पर्धाओं में झारखंड के खिलाड़ियों ने कई पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया।
- रोहित कुमार (देवघर) – शॉटपुट में स्वर्ण पदक
- एम.डी. आज़ाद (धनबाद) – शॉटपुट में रजत पदक
- राजेंद्र महतो (रांची) – लॉन्ग जंप में पदक विजेता
इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह साबित किया कि झारखंड के दिव्यांग खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं।
खिलाड़ियों और कोचों को मिली बधाई
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सिटी सी.पी. स्पोर्ट्स झारखंड के महासचिव राजकुमार सिंह ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता राज्य में दिव्यांग खेलों के विकास के लिए प्रेरणादायक साबित होगी। वहीं प्रदेश अध्यक्ष पूर्वी घोष, डॉ. श्याम शर्मा और धीरज कुमार शर्मा ने भी सभी खिलाड़ियों और कोचों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया।
झारखंड टीम की इस सफलता को राज्य के खेल इतिहास में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।