
JAMSHEDPUR ।
शहरी यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और सुचारू बनाने के उद्देश्य से जेएनएसी (JNAC) ने शहर में आवारा पशुओं और सांडों को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। अभियान के पहले दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए टीम ने दो आवारा सांडों को पकड़ लिया और उन्हें सुरक्षित रूप से टाटानगर गौशाला भेज दिया।
यह पूरा अभियान उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार के सीधे निर्देशन में चलाया जा रहा है। उनके नेतृत्व में नगर निगम की टीम, जूस्को (JUSCO) की विशेषज्ञ इकाई, पशुपालन विभाग और गौशाला संचालक की संयुक्त टीम ने मिलकर अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
शहरी क्षेत्र में आवारा सांड और मवेशियों की बढ़ती समस्या लंबे समय से लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई थी। व्यस्त सड़कों पर अचानक पशुओं का आ जाना कई बार दुर्घटनाओं का कारण बन जाता है। नागरिकों और वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जेएनएस ने इस विशेष कैटल कैचिंग ड्राइव को प्राथमिकता पर रखा है।
उप नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि शहर की सभी महत्वपूर्ण सड़कों, बाजार क्षेत्रों, राजमार्गों, भीड़भाड़ वाले चौराहों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान के दौरान पकड़े जाने वाले प्रत्येक पशु का उचित दस्तावेजीकरण किया जाए, तथा उन्हें सुरक्षित रूप से गौशाला में रखा जाए ताकि किसी पशु को कोई हानि न पहुँचे।
अभियान की लगातार समीक्षा और मॉनिटरिंग के लिए दैनिक प्रगति रिपोर्ट तैयार करने का भी निर्देश दिया गया है। इससे न केवल अभियान की पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, बल्कि आगे की रणनीति भी अधिक प्रभावी तरीके से बनाई जा सकेगी।
जेएनएसी ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने पालतू मवेशियों को खुले में न छोड़ें, क्योंकि इससे न केवल सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है, बल्कि यातायात भी बाधित होता है। निगम ने यह भी कहा कि यदि कहीं भी आवारा पशु दिखें, तो उनकी सूचना तुरंत निगम के कंट्रोल रूम में दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
शहर प्रशासन का यह प्रयास सड़क सुरक्षा बढ़ाने, यातायात को सुव्यवस्थित करने और नागरिकों को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अभियान के आगे भी जारी रहने से शहर में आवारा पशुओं की समस्या में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
