
जमशेदपुर: समाज में तेजी से फैल रहे मादक पदार्थों के जहर को रोकने और युवा पीढ़ी को सही दिशा दिखाने के लिए जमशेदपुर के खिलाड़ियों ने कमर कस ली है। शनिवार (20 जून) को पूर्वी सिंहभूम के जिला खेल विभाग के तत्वावधान में कदमा स्थित वॉलीबॉल प्रशिक्षण केंद्र से एक विशाल ‘नशामुक्ति पैदल जागरूकता रैली’ निकाली गई। इस रैली के जरिए शहर के उभरते हुए खिलाड़ियों ने आम जनमानस को यह कड़ा संदेश दिया कि ‘नशा बर्बादी का रास्ता है, इसे छोड़कर खेल के मैदान की तरफ लौटें’।
हाथों में तख्तियां और जुबान पर थे ये प्रेरणादायक नारे
विशेष जागरूकता अभियान के तहत खेल प्रशिक्षकों (कोच) और खिलाड़ियों ने वॉलीबॉल प्रशिक्षण केंद्र, आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों और स्कूलों के बाहर पैदल मार्च किया। इस दौरान खिलाड़ियों के हाथों में जागरूकता स्लोगन लिखी तख्तियां थीं और वे पूरे जोश के साथ— “जीवन बर्बाद मत करो, परिवार के सुख के लिए नशे से दूर रहो”, “नशा छोड़ो, खेल से नाता जोड़ो”, “स्वस्थ युवा, सशक्त राष्ट्र” और “नशामुक्त समाज हमारा संकल्प” के नारे लगा रहे थे। रैली को देखकर स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने भी रुककर खिलाड़ियों के इस कदम की सराहना की।
‘शाम को मैदान में पसीना बहाएं, डिप्रेशन से बचें’
रैली के दौरान खेल प्रशिक्षकों ने बस्ती और कॉलोनियों के युवाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने समझाया कि आज का युवा जिस तरह से सिंथेटिक ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आ रहा है, वह न सिर्फ उसके शरीर को खोखला कर रहा है, बल्कि पूरे परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़ देता है। कोच ने युवाओं को मंत्र दिया कि जब कोई व्यक्ति शाम के वक्त खेल के मैदान में 1 घंटा पसीना बहाता है, तो उसके भीतर न केवल शारीरिक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि मानसिक अवसाद (Depression) और नेगेटिव विचार भी स्वतः दूर हो जाते हैं।
जिला खेल विभाग की मार्मिक अपील— ‘रचनात्मकता से जुड़ें’
पूर्वी सिंहभूम के जिला खेल विभाग ने जमशेदपुर के तमाम अभिभावकों और युवाओं से एक मार्मिक अपील जारी की है। विभाग ने कहा कि नशामुक्त समाज की स्थापना सिर्फ पुलिस की कार्रवाई से नहीं हो सकती, इसके लिए मजबूत सामाजिक चेतना जरूरी है।
विभाग ने युवाओं से अपील की है कि वे खोखे-नुक्कड़ों पर समय बर्बाद करने के बजाय खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। शहर में विभिन्न खेलों के सरकारी और गैर-सरकारी प्रशिक्षण केंद्र मौजूद हैं, जहां युवा अपनी हुनर को निखार कर राज्य और देश के लिए मेडल जीत सकते हैं।
