
जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिला में 09 मार्च 2026 से 23 मार्च 2026 तक कुष्ठ रोग खोज अभियान (चक्र-2) पखवाड़ा चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य संभावित मरीजों की जल्द पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित करना है, ताकि दिव्यांगता से बचाव हो सके।जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने बताया कि “कुष्ठ रोग की शीघ्र पहचान और उपचार से स्थायी दिव्यांगता रोकी जा सकती है।”
घर-घर सर्वे, संदिग्धों को भेजा जाएगा स्वास्थ्य केंद्र
अभियान के तहत सहिया एवं एक पुरुष कार्यकर्ता की टीम बनाकर घर-घर सर्वे किया जाएगा। संदेहास्पद मरीजों की पहचान कर उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जांच और उपचार हेतु भेजा जाएगा।सबल सेंटर, साकची में शहरी सहियाओं को कुष्ठ रोग के लक्षण, उपचार एवं भ्रांतियों के बारे में प्रशिक्षित किया गया।
आंगनवाड़ी और स्कूल भी होंगे शामिल
इस बार अभियान में सभी आंगनवाड़ी सेविका एवं सहायिका के साथ-साथ प्रत्येक स्कूल से एक पुरुष एवं एक महिला शिक्षक को भी शामिल किया जाएगा। उन्हें रोग के लक्षण, इलाज की प्रक्रिया और समाज में फैली गलत धारणाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
विभागीय समन्वय पर जोर
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रखंड समन्वय समिति की बैठक आयोजित कर विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करें, ताकि अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।
प्रशिक्षण में रहे उपस्थित
कुष्ठ रोग प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. राजीव लोचन महतो के साथ अचिकित्सा सहायक अमरेश मिश्रा, अर्बन बीटीटी सुमी हांसदा एवं टेनिक महतो उपस्थित रहे।
कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षण
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त्वचा पर हल्के या सफेद धब्बे
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सुन्नपन या संवेदना में कमी
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हाथ-पैर में कमजोरी
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घाव का देर से भरना
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
