जमशेदपुर। करणी सेना के सरायकेला-खरसावां जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह हत्याकांड में जमशेदपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस के लगातार दबाव और देशभर में चलाए गए छापेमारी अभियान के बीच दो लाख रुपये के इनामी मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल ने बुधवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। वहीं, विशेष अनुसंधान दल (SIT) ने बिष्टुपुर स्थित डी.डी. बार के मालिक नीरज सिंह समेत तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के साथ ही अब तक इस चर्चित हत्याकांड में कुल 12 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
राजस्थान के खाटू श्याम से गिरफ्तार हुआ बार मालिक
वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. एहतेशाम वकारिब ने बुधवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश पर गठित एसआईटी और तकनीकी शाखा की संयुक्त टीम ने कई राज्यों में लगातार छापेमारी की।
इसी अभियान के दौरान बिष्टुपुर स्थित डी.डी. बार के मालिक नीरज सिंह को राजस्थान के सीकर जिले के खाटू श्याम क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। ट्रांजिट रिमांड पर उसे जमशेदपुर लाया गया है। पुलिस के अनुसार नीरज सिंह का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास रहा है।
ओडिशा से दो और आरोपी गिरफ्तार
एसएसपी ने बताया कि मामले में दो अन्य आरोपी सुदर्शन मंडल उर्फ लालटू (30 वर्ष) और राजेश मंडल (27 वर्ष) को ओडिशा के मयूरभंज जिले के बहलदा से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
दो लाख के इनामी मुख्य आरोपी ने किया सरेंडर
पुलिस की लगातार दबिश और छापेमारी के कारण मामले के मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल ने बुधवार को जमशेदपुर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। उसकी गिरफ्तारी के लिए जिला पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
27 जून की रात हुआ था जानलेवा हमला
गौरतलब है कि 27 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डी.डी. बार के बाहर करणी सेना नेता हिमांशु सिंह पर धारदार हथियारों से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में बिष्टुपुर थाना में कांड संख्या 84/2026 दर्ज किया गया था।
अब तक 12 आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल
पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले ही 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका था। मुख्य आरोपी के आत्मसमर्पण और तीन नई गिरफ्तारियों के बाद अब तक कुल 12 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। एसआईटी पूरे मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है और पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का भी खुलासा हो सकता है।